चारकोप इलाके में 100 पेड़ों को दोबारा लगाया जाएगा
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कोस्टल रोड नॉर्थ प्रोजेक्ट से प्रभावित करीब 100 पेड़ अब मुंबई के बाहर नहीं भेजे जाएंगे, उन्हें चारकोप में ही दोबारा लगाया जाएगा।
कांदिवली पश्चिम के सेक्टर 8, चारकोप में आने वाले कोस्टल रोड नॉर्थ प्रोजेक्ट की वजह से करीब 100 पेड़ प्रभावित हुए हैं। इन पेड़ों को काटकर मुंबई के बाहर दोबारा लगाने के लिए तय किया गया था, लेकिन अब इन्हें उसी इलाके में फिर से लगाया जाएगा।
यह पहल स्थानीय पर्यावरण कार्यकर्ताओं, महापालिका और म्हाडा के अधिकारियों की कोशिशों से मुमकिन हो पाई है। प्रोजेक्ट से प्रभावित इलाकों में हरियाली बचाए रखने के लिहाज से स्थानीय लोग इसे बड़ी कामयाबी मान रहे हैं।
इस काम का पहला चरण बुधवार सुबह 10.30 बजे दत्ता गुरू उद्यान में शुरू होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होने के बावजूद इलाके की हरियाली को बनाए रखना और पक्षियों तथा शहर के दूसरे वन्यजीवों के ठिकानों की हिफाजत करना इस पहल का मकसद है।
पेड़ों को शहर से बाहर भेजने के बजाय इलाके में ही दोबारा लगाने से यहां की मौजूदा हरियाली को बचाए रखने में भी मदद मिलेगी।
कोस्टल रोड नॉर्थ प्रोजेक्ट को वर्सोवा-भाईंदर लिंक रोड के नाम से भी जाना जाता है। यह मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट का दूसरा चरण है, यानी उस बड़े प्रोजेक्ट का अगला हिस्सा।
इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए 103.6554 हेक्टेयर वन (मैंग्रोव) जमीन का डायवर्जन करना पड़ेगा। साथ ही इसका असर 45,000 से ज्यादा मैंग्रोव के पेड़ों पर पड़ेगा।
इसकी भरपाई के तौर पर मुंबई के बाहर कुल 255 हेक्टेयर जमीन पर 1.37 लाख मैंग्रोव के पेड़ लगाए जाएंगे।
महापालिका यानी बीएमसी को जुलाई में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) से दूसरे चरण की आखिरी मंजूरी मिली। वहीं बीएमसी के वृक्ष प्राधिकरण ने जून में इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 1,900 पेड़ काटने की इजाजत दी थी।
इन मंजूरियों के बाद अधिकारी मैंग्रोव और पेड़ हटाने के साथ-साथ निर्माण कार्य को भी रफ्तार दे सके, ताकि प्रोजेक्ट दिसंबर 2028 तक पूरा किया जा सके।
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