बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

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बोरीवली के QR कोड वाले फेरीवालों का आरोप, BMC और पुलिस कर रही परेशान

बोरीवली के QR कोड वाले फेरीवालों का आरोप, BMC और पुलिस कर रही परेशान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 अपराध डेस्क

आज़ाद हॉकर्स यूनियन के करीब 300 अधिकृत फेरीवालों ने R साउथ वार्ड में BMC और पुलिस पर धंधा रोकने का आरोप लगाया।

मुंबई के बोरीवली में सरकार से मान्यता और QR कोड पा चुके करीब 300 फेरीवालों ने आरोप लगाया है कि ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई पुलिस उन्हें R साउथ वार्ड इलाके में अपना धंधा नहीं करने दे रही। इन फेरीवालों का कहना है कि उनके पास स्टॉल लगाने का अधिकृत हक है, फिर भी उन्हें रोका जा रहा है।

आज़ाद हॉकर्स यूनियन के सदस्यों ने सोमवार को बोरीवली में R साउथ वार्ड ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि उन्हें परेशान किया जा रहा है और रोज़ी-रोटी कमाने का उनका हक छीना जा रहा है। प्रदर्शन के बाद फेरीवाले मार्च करते हुए कांदिवली वार्ड ऑफिस पहुंचे, ताकि डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (DMC) से मिलकर दखल की मांग कर सकें।

यूनियन के प्रतिनिधि मार्च के दौरान पहले R साउथ के वार्ड अफसर के पास गए और कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक धंधा करने की इजाज़त मांगी। आरोप है कि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला और कहा गया कि मामला वरिष्ठ अफसर ही साफ कर सकते हैं। इसके बाद फेरीवाले कांदिवली वार्ड ऑफिस में DMC से मिले। उन्होंने कोर्ट के निर्देशों को माना और भरोसा दिलाया कि वार्ड ऑफिस को लिखित निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि QR कोड वाले फेरीवाले अपना काम कर सकें।

डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर मनीष वलांजु ने कहा, "रेलवे स्टेशनों के 150 मीटर के दायरे और 20 तय जगहों पर फेरी लगाने पर रोक का कोर्ट का आदेश है। इन इलाकों में हम उन्हें स्टॉल लगाने की इजाज़त नहीं दे सकते। लेकिन अगर वे प्रतिबंधित इलाकों के बाहर काम करना चाहते हैं, तो उनकी अर्ज़ियों पर विचार किया जा सकता है।"

जब उनसे इस आरोप के बारे में पूछा गया कि BMC और पुलिस प्रतिबंधित इलाकों के बाहर भी फेरीवालों को स्टॉल नहीं लगाने दे रहे, तो DMC ने कहा, "मुझे इस मुद्दे पर बात करने और यह देखने के लिए कि क्या किया जा सकता है, DCP के साथ समन्वय बैठक करनी होगी।"

फेरीवालों ने कोर्ट के जिन आदेशों का हवाला दिया, उनके बारे में उनका दावा है कि वे अधिकृत फेरीवालों को तय इलाकों में काम करने की इजाज़त देते हैं, बशर्ते वे रेलवे स्टेशनों से कम से कम 150 मीटर दूर रहें और जिन 20 सड़कों पर फेरी लगाना मना है, वहां स्टॉल न लगाएं।

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि लाइसेंसधारी फेरीवालों को स्टॉल लगाने से रोका जा रहा है, जबकि बिना रजिस्ट्रेशन वाले फेरीवाले खुलेआम धंधा कर रहे हैं। एक फेरीवाले ने कहा, "ऐसे भी फेरीवाले हैं जिनके पास सरकार का जारी किया QR कोड तक नहीं है, फिर भी वे बेखौफ धंधा करते दिखते हैं। उन्हें कौन बचा रहा है, और उन्हें कारोबार की छूट क्यों दी जा रही है? इसकी गहरी जांच होनी चाहिए।"

यूनियन ने कहा है कि वह अपने परिवारों के साथ BMC के म्युनिसिपल कमिश्नर के दफ्तर जाएगी और अपना आंदोलन तेज़ करेगी। फेरीवाले लिखित निर्देश चाहते हैं, ताकि लागू कोर्ट आदेशों के मुताबिक अधिकृत QR कोड धारकों को तय इलाकों में काम करने दिया जाए।

आज़ाद हॉकर्स यूनियन के महासचिव जय शंकर दयाशंकर सिंह ने आरोप लगाया कि मुंबई के दूसरे हिस्सों में सरकारी QR कोड वाले अधिकृत फेरीवालों को काम करने दिया जा रहा है, जबकि बोरीवली के R साउथ वार्ड में हालात अलग दिखते हैं। सिंह ने कहा, "पूरे मुंबई में जिन फेरीवालों को QR कोड मिला है, उन्हें स्टॉल लगाने दिया जा रहा है, लेकिन R साउथ वार्ड में नहीं। स्थानीय प्रशासन अधिकृत फेरीवालों को रोज़ी कमाने से क्यों रोक रहा है?"

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