पृथ्वी थिएटर फेस्टिवल का आगाज़, जावेद अख्तर की नई किताब और कलात की प्रदर्शनी
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मुंबई डायरी में पृथ्वी थिएटर फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन, जावेद अख्तर की नई किताब, गोरेगांव का नया रीडिंग स्पेस और जतीश कलात की प्रदर्शनी।
छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के T2 टर्मिनल पर बेंचों पर लोग झपकी लेते नज़र आते हैं।
पृथ्वी थिएटर फेस्टिवल के 2026 वाले संस्करण का उद्घाटन समारोह भी ऐसी ही रौनक वाली शाम रहा, जैसी ओपनिंग नाइट्स में अक्सर होती है। समारोह में पारंपरिक कलाकारों ने तुतारी बजाई और नसीरुद्दीन शाह ने पारंपरिक दीप जलाया। महेश भट्ट और नसीरुद्दीन शाह खुशमिज़ाज अंदाज़ में दिखे। जीनो बैंक्स ने लुइज़ बैंक्स को धमाकेदार श्रद्धांजलि देकर पुराने दिन लौटा दिए। कपूर परिवार के कुणाल, ज़हान और शायरा मेज़बानी करते नज़र आए।
बैंक्स और उनकी टीम अपनी प्रस्तुति की खुमारी में रह सकती है, लेकिन अब मंच थिएटर मंडलियों का है। पृथ्वी थिएटर में कभी सुस्ती नहीं रहती।
जावेद अख्तर को इंटरनेट पीढ़ी का पसंदीदा समझदार शख्स यूं ही नहीं माना जाता। इन गीतकार को अपनी चुटीली बातों, हाज़िरजवाबी और मोहक अंदाज़ की वजह से ऑनलाइन नए पाठक मिलते दिख रहे हैं। उनकी ताज़ा किताब में वे अपने पाठकों को तीन ऐसे ही तेज़ कवियों से मिलवाएंगे। HarperCollins India से आ रही Three Masters: The Dohas of Kabir, Rahim, Vrind में कबीर, रहीम और वृंद के दोहे हैं। अख्तर उन पर अपनी सोच-समझ भरी बातें रखते हैं, जबकि अनुवाद का काम सुमंत्र घोषाल को सौंपा गया है।
हाल ही में खत्म हुए Godrej LitLive! Festival में किताब का लोकार्पण हुआ और दोनों अच्छे रंग में दिखे। अख्तर ने वहां ग़ज़लों की बनावट और ढांचे पर बारीकी से बात की। इसलिए उम्मीद है कि दोहों के संकलन में भी वैसी ही बारीकी मिलेगी। दार्शनिक बातों से लेकर उन कमज़ोरियों तक, जो हम सबमें होती हैं, गीतकार इन दोहों को खंगालते हैं। शायरों को शोधकर्ता बनते देखना मज़ेदार है।
गोरेगांव वेस्ट में Sylvaris नाम की जगह पर किताबें, बातचीत और जिज्ञासा सब एक साथ हैं। पूर्व पत्रकार आदित्य क्षीरसागर ने इसे शुरू किया है। यहां रविवार को पढ़ने के सेशन होते हैं और कॉस्ट्यूम डिज़ाइन, मेकअप और संगीत जैसे रचनात्मक क्षेत्रों के लोगों के साथ वर्कशॉप कराने की योजना है।
क्षीरसागर ने कहा, "मैं चाहता था कि अजनबी साथी बन जाएं, और कोई किताब, गाना या हुनर उन्हें साथ बैठकर एक-दूसरे से सीखने की वजह दे।" यह जगह रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुली रहती है।
जतीश कलात के कैलेंडर में कोच्चि मुज़िरिस बिएनाले 2027 दर्ज है, जहां वे नए अध्यक्ष के रूप में शुरुआत करेंगे। पर उससे पहले शहर में उनके कई काम बाकी हैं। इनमें डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय में 15 साल बाद एकल प्रदर्शनी के साथ वापसी भी शामिल है।
संग्रहालय और किरण नाडर म्यूज़ियम ऑफ आर्ट की पेशकश Jitish Kallat: Conjectures on a Paper Sky 14 नवंबर को खुलेगी। गैलरी, खास प्रोजेक्ट स्पेस और बाहरी प्लाज़ा में बड़ी तैयारी की गई है।
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