शिंदे सीएम नहीं बनेंगे, यह लिखकर दें: निलेश राणे ने सदावर्ते को दिया खुला चैलेंज
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वकील गुणरत्न सदावर्ते के दावे पर शिंदे सेना के विधायक निलेश राणे ने उन्हें लिखित में देने की चुनौती दी है। राणे ने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे पर भी टिप्पणी की।
मशहूर वकील गुणरत्न सदावर्ते ने दावा किया है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कभी मुख्यमंत्री बनेंगे ही नहीं। इस दावे के बाद शिंदे गुट की तरफ से सदावर्ते पर जमकर टीका-टिप्पणी हो रही है। शिंदे सेना के नेता और विधायक निलेश राणे ने तो सदावर्ते को सीधी चुनौती दे डाली है।
राणे की चुनौती यह है कि सदावर्ते लिखकर दें कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, और अगर बन गए तो वे अपनी पूरी प्रॉपर्टी छोड़ देंगे। अब सबकी नजर इस पर है कि सदावर्ते यह चैलेंज कबूल करते हैं या नहीं।
मीडिया से बात करते हुए निलेश राणे ने कहा कि एकनाथ शिंदे 2022 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उससे पहले भी लोग यही कहते थे कि शिंदे मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, लेकिन वे बने। राणे ने सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र भविष्यवाणी के भरोसे चलता है। उनके मुताबिक आज उनकी पार्टी के पास सांसद, विधायक और सैकड़ों पार्षद हैं। ऐसे में नेता मुख्यमंत्री नहीं बनेगा तो कब बनेगा। राणे ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में दूसरे नंबर की पार्टी उनकी शिवसेना है। अगर कोई कहता है कि शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे ही नहीं, तो वह यह लिखकर दे, और यह भी लिखे कि नहीं बने तो हमारी सारी प्रॉपर्टी छोड़ देंगे।
राणे ने अपनी इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनें। उनके मुताबिक शिंदे ने कामयाब मुख्यमंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल निभाया है और वे उन्हें एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं। राणे ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ऊंचे स्तर पर हैं और फडणवीस भी उनके नेता हैं, लेकिन एक कार्यकर्ता और शिवसैनिक के नाते उनकी राय है कि शिंदे फिर से मुख्यमंत्री बनें।
राज ठाकरे के एक बयान पर भी राणे ने टिप्पणी की। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा था कि देवेंद्र फडणवीस को कम से कम 2029 तक राज्य में रखिए। इस पर राणे ने कहा कि राज ठाकरे बड़े नेता हैं और उनकी पार्टी बहुत बड़ी है। उनके पास कई पार्षद, कई विधायक और कई सांसद हैं। दूसरे राज्यों में भी मनसे नाम का उनका बड़ा संगठन है। इसलिए भविष्यवाणी करनी है या नहीं, इस पर हमें सोचना पड़ेगा, ऐसा चुटकी लेते हुए राणे ने कहा।
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला किया है। राणे ने इस पर भी तंज कसा। उनका कहना है कि चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन और उसका आइडिया ठाकरे का नहीं है। राणे के मुताबिक यह आइडिया अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका का है और इन लोगों ने उसे चुरा लिया। राणे ने कहा कि अब इनके पास काम कहां है, सब खाली बैठे हैं।
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