सूखे के चलते मनसे का शिवाजी पार्क दीपोत्सव इस बार सादा, रोशनी और आतिशबाजी नहीं
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मनसे नेता यशवंत किल्लेदार ने कहा कि महाराष्ट्र की अकाल जैसी हालत को देखते हुए शिवाजी पार्क पर इस बार सिर्फ लालटेन लगेंगे।
मुंबई के शिवाजी पार्क में दिवाली पर होने वाली रोशनी अब आधिकारिक तौर पर रद्द कर दी गई है। मनसे नेता यशवंत किल्लेदार ने बताया कि महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात हैं और इसी वजह से पार्टी ने यह फैसला लिया है।
किल्लेदार के मुताबिक पार्टी छोटी है, फिर भी इस साल रोशनी और आतिशबाजी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिवाजी पार्क पर दिवाली सादगी से मनाई जाएगी और वहां सिर्फ आकाशदीप लगाए जाएंगे।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना हर साल दीपोत्सव में रोशनी और आतिशबाजी करती आई है। इस बार मनसे की तरफ से कहा गया है कि राज्य पर सूखे का संकट है, हालात गंभीर हैं, इसलिए रोशनी और आतिशबाजी नहीं होगी। किल्लेदार ने कहा, "हम इस साल सिर्फ आकाशदीप लगाकर दिवाली मनाएंगे।"
इसी मौके पर किल्लेदार ने अमित साटम की टिप्पणी का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ आशीष शेलार, राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक ही मंच पर थे और माहौल हंसी-खुशी का था। फिर अगले ही दिन अमित साटम को राज ठाकरे के बारे में बोलने की क्या जरूरत थी, यह सवाल किल्लेदार ने उठाया।
किल्लेदार ने यह भी पूछा कि साटम ने किस मुद्दे के आधार पर पाकिस्तानी एजेंट जैसी बात कही। उनका कहना था कि साटम हम पर टिप्पणी करने के बजाय पहले यह देखें कि मुंबई भाजपा में खड़ी फूट पड़ी हुई है। किल्लेदार ने तंज़ कसते हुए कहा कि अमित साटम को कोई खड़ा नहीं करता और उनसे पूछता भी नहीं। उन्होंने कहा कि साटम पहले अपनी पार्टी की फूट और विवाद देख लें, फिर हम पर बोलें।
किल्लेदार ने नाशिक के कुंभमेले का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सादगी से कुंभमेला भी मनाया जा सकता है। उनके मुताबिक नाशिक में कुंभमेले पर बेहिसाब खर्च हो रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कई आरोप पहले ही लग चुके हैं, फिर भी इतना पैसा खर्च करके आयोजन किया जा रहा है।
किल्लेदार ने कहा कि महाराष्ट्र पहले से सूखे में है, गरीब किसानों को मदद सिर्फ 5000 रुपये की दी गई है और दूसरी तरफ कुंभमेले के लिए करोड़ों के टेंडर निकाले जा रहे हैं, जिसकी जरूरत नहीं है।
उन्होंने साफ किया कि मनसे कुंभमेले के खिलाफ नहीं है। विरोध टेंडर निकालकर बड़े पैमाने पर हो रहे खर्च का है। किल्लेदार ने कहा कि अगर हम छोटी पार्टी होकर सूखे की वजह से आतिशबाजी और रोशनी रद्द कर सकते हैं, तो आप सत्ताधारी और बड़ी पार्टी हैं, आप भी ऐसा कर सकते हैं।
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