प्रदीप पुरनेकर हत्या: आदित्य ठाकरे का आरोप, एकनाथ शिंदे बचा रहे हैं मीनाक्षी शिंदे को
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शिवसेना (UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे की पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
शिवसेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ठाणे की पूर्व मेयर मीनाक्षी शिंदे को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। मामला शिवसेना (UBT) नेता प्रदीप पुरनेकर की हत्या का है।
शिवसेना (UBT) के नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने अब तक सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार किया है। उनका कहना है कि जब तक मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक कथित साजिश पूरी तरह सामने नहीं आएगी।
ठाकरे के साथ प्रदीप पुरनेकर के बेटे राम, राज्यसभा सांसद संजय राउत और ठाणे के शिवसेना (UBT) के दूसरे नेता भी थे। इन सबने ठाणे के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और उसके बाद मीडिया से बात की। इससे पहले ठाकरे मारे गए नेता के घर गए थे, जहां उन्होंने पुरनेकर की पत्नी से मुलाकात की।
ठाकरे ने कहा, "हमारी मांग है कि मुख्य आरोपी और साजिश रचने वाले को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। हमें समझ नहीं आता कि उन्हें क्यों बचाया जा रहा है। जब हम पुलिस कमिश्नर से मिले, तो हमें लगा कि पुलिस वालों को भी यकीन है कि मुख्य आरोपी कौन है।"
पार्टी का दावा है कि उसने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज दिया है, जो उसके मुताबिक इस केस का सबूत है। ठाकरे का कहना था कि इसके बावजूद कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने पूछा, "आप किस बात का और क्यों इंतजार कर रहे हैं? यह एक राजनीतिक हत्या है, जिसका सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। मुख्य साजिश रचने वाले और मास्टरमाइंड को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा? एकनाथ शिंदे आरोपी और साजिश रचने वाले को बचाने के लिए इतने बेचैन क्यों हैं?"
ठाकरे ने राम पुरनेकर को हिरासत में लिए जाने पर भी उपमुख्यमंत्री और ठाणे के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे की आलोचना की। बताया गया है कि राम अपने पिता की हत्या के मामले में कार्रवाई की मांग करने के लिए शिंदे से मिलने गए थे।
ठाकरे ने कहा, "हम ठाणे सिर्फ पुरनेकर परिवार और पुलिस कमिश्नर से मिलने आए थे। लेकिन यहां के सांसद ने गाली-गलौज की भाषा इस्तेमाल की और बचकाने ढंग से हमें धमकाने की कोशिश की। शिंदे की सेना के नेता हमारा सामना करने की बजाय कहीं और जाकर विरोध प्रदर्शन करते रहे।"
उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि फडणवीस पुरनेकर परिवार को इंसाफ दिलाने में नाकाम रहे हैं। ठाकरे के शब्दों में, "गृह मंत्री पार्टियां तोड़ने, पेड़ कटवाने और सह्याद्रि की पहाड़ियां बेचने में लगे हैं, इन सबको रोकने की बजाय।"
संजय राउत ने भी फडणवीस को घेरा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को इतना कमजोर गृह मंत्री पहले कभी नहीं मिला। राउत बोले, "जिन्होंने हमें ठाणे आने की चुनौती दी थी, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि हम सिर्फ आए ही नहीं हैं, बल्कि जब तक आपका सामना नहीं हो जाता, हम इंतजार करने को भी तैयार हैं। सत्ता में हैं, इसलिए शेखी मत बघारिए। यह हमेशा नहीं रहने वाली। इस केस में मीनाक्षी और राजेंद्र शिंदे मुख्य आरोपी हैं, और कातिलों को बचाने के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं।"
राउत ने यह भी कहा कि पुलिस को मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे, दोनों को गिरफ्तार करना ही पड़ेगा।
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