शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

सूखे के बीच महाराष्ट्र ने तय की चारे की कीमत, सूखा चारा 12 रुपये और साइलेज 8 रुपये किलो

सूखे के बीच महाराष्ट्र ने तय की चारे की कीमत, सूखा चारा 12 रुपये और साइलेज 8 रुपये किलो तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

पंकजा मुंडे ने बताया कि ढुलाई खर्च के बिना सूखे चारे की अधिकतम बेस कीमत 12 रुपये और साइलेज की 8 रुपये प्रति किलो तय हुई है।

सूखे के हालात में चारे की किल्लत की आशंका को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मवेशियों के लिए खरीदे जाने वाले सूखे चारे और साइलेज की अधिकतम बेस कीमत तय कर दी है। पर्यावरण और पशुपालन मंत्री पंकजा मुंडे ने शुक्रवार को बताया कि सूखे चारे की अधिकतम बेस कीमत 12 रुपये प्रति किलो और साइलेज की 8 रुपये प्रति किलो रखी गई है। यह कीमत ढुलाई खर्च के बिना है।

मुंडे के मुताबिक इस फैसले का मकसद मवेशियों के लिए पर्याप्त, अच्छी क्वालिटी का और सुरक्षित चारा उपलब्ध कराना है। साथ ही कमी के दिनों में किसानों और पशुपालकों को राहत देना भी इसका मकसद है।

खरीफ सीजन की स्थिति की समीक्षा के बाद राज्य के 304 तालुकों में अब तक सूखा घोषित किया जा चुका है। इसी पृष्ठभूमि में राजस्व मंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट सब-कमेटी ने चारे की संभावित कमी से निपटने के उपाय जांचने के लिए एक अध्ययन समूह बनाया था।

मुंडे इस अध्ययन समूह की सदस्य थीं। समूह ने महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में अपनाए गए चारा प्रबंधन के उपायों को परखा। उसने चारे की उपलब्धता, उसके संभावित उत्पादन और आने वाले महीनों में राज्य की जरूरत का आकलन किया और फिर अपनी रिपोर्ट सौंपी। यह रिपोर्ट मंगलवार को हुई कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक में मंजूर की गई।

नई बेस कीमतें उतने समय तक लागू रहेंगी, जितने समय तक राहत और पुनर्वास विभाग ने सूखा घोषित किया है। चारे की खरीद की निगरानी जिला स्तर की सूखा प्रबंधन कार्यकारी समितियां करेंगी। वे अध्ययन समूह की सिफारिशों और विभाग के निर्देशों के हिसाब से काम करेंगी। ढुलाई का भाड़ा परिवहन आयुक्त की ओर से समय-समय पर अधिसूचित दरों पर दिया जाएगा।

कीमत तय करने के साथ सरकार ने क्वालिटी के मानक भी बनाए हैं, ताकि मवेशियों को सुरक्षित और पौष्टिक चारा मिले। सूखे चारे में नमी अधिकतम 15 प्रतिशत होनी चाहिए। वह साफ और देखने में अच्छा हो, उसमें खट्टी या सीलन की बदबू, फफूंद, कीड़े या मिट्टी न हो। ज्वार और बाजरे के चारे को तरजीह दी जाएगी।

साइलेज एयरटाइट होना चाहिए और उसमें फफूंद नहीं होनी चाहिए। उसमें नमी 62 से 70 प्रतिशत के बीच, pH वैल्यू 3.5 से 4.4 के बीच और क्रूड प्रोटीन कम से कम 7 प्रतिशत होना चाहिए। बाकी पैमानों पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स का IS 19562:2026 लागू होगा।

पंकजा मुंडे ने कहा कि पशुधन किसानों की रोजी-रोटी का अहम जरिया है और सूखे में चारे की उपलब्धता पक्की करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ खरीद की कीमत तय करने तक सीमित नहीं है, इसका मकसद यह भी है कि मवेशियों को अच्छी क्वालिटी का और सुरक्षित चारा मिले। उनके मुताबिक सूखे के दौरान किसानों और पशुपालकों को राहत देने के लिए सरकार जिला स्तर पर सही योजना और सख्त अमल पर जोर देगी।

#मुंबई#सियासत#PT24#Politics#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे