सतेज पाटील का दावा: महायुति के 12 संचालक उदयपुर के होटल में, रूम नंबर भी पता है
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गोकुल अध्यक्ष चुनाव से पहले सतेज पाटील ने कहा कि महायुति के 12 संचालक अलिबाग में नहीं, उदयपुर में हैं।
कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ यानी गोकुल के अध्यक्ष पद की चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों गरम है। इस बार गोकुल का चुनाव काफी कड़े मुकाबले में हुआ था। कुल 25 सीटों में से 12 पर महायुति के उम्मीदवार जीते, जबकि 13 सीटें सतेज पाटील की अगुवाई वाले समविचारी पैनल को मिलीं।
अध्यक्ष चुनने के लिए 14 का कोरम चाहिए, जो अभी पूरा नहीं हो पाया है। इसी वजह से अध्यक्ष का चुनाव अब तक नहीं हो सका। इस बीच महायुति सरकार ने सहकार कानून में बड़े बदलाव कर गोकुल पर पांच सरकारी संचालक नियुक्त करने का अध्यादेश निकाला था। इनमें से चार सरकारी संचालकों को वोट देने का अधिकार दिया गया है। नतीजा यह कि ज्यादा सीटें जीतने के बावजूद समविचारी पैनल को सत्ता से दूर रहना पड़ सकता है। इसी बात पर राजनीति तेज हो गई है।
किसी भी तरह की गड़बड़ से बचने के लिए महायुति और समविचारी पैनल ने अपने-अपने 12 संचालकों को सैर पर भेज दिया है। कहा जा रहा था कि महायुति के 12 संचालक अलिबाग में हैं। लेकिन सतेज पाटील ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि वे कहां हैं, इसकी पूरी जानकारी उनके पास है।
सतेज पाटील के मुताबिक महायुति के ये 12 संचालक गोवा और सूरत होते हुए अब उदयपुर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया में दिखाया गया कि वे अलिबाग गए हैं, मगर असल में ये सब उदयपुर के मैरियट होटल में हैं। पाटील ने कहा, "मुझे इन सबके रूम नंबर भी पता हैं।" उनके अनुसार सब पहले मंजिल पर ठहरे हैं और उनके रूम नंबर 130 से शुरू होते हैं। पाटील ने यह भी कहा कि इन सबसे एक हलफनामे पर दस्तखत करवाए जा रहे हैं और उन्हें खुद पता नहीं कि उसमें क्या लिखा है।
पाटील ने इंटरव्यू में कहा कि सत्ताधारी पक्ष के कुछ लोग उन्हें जानकारी देते हैं। उनके मुताबिक सत्ताधारी महायुति में कई लोगों को गोकुल पर सरकारी संचालक बिठाने की बात पसंद नहीं आई है। पाटील ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में क्या होता है, यह भी उन्हें मालूम रहता है। उनके शब्दों में, वे न सत्ता में हैं, न मंत्री हैं, फिर भी गोकुल को लेकर कैबिनेट बैठक में होने वाली चर्चा की खबर उन्हें मिल जाती है।
सतेज पाटील ने कहा कि वे पिछले 30 साल से राजनीति में हैं और सभी पार्टियों के नेताओं से उनके संबंध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने भी कई लोगों के काम किए थे।
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