गोकुल बोर्ड में सरकारी निदेशकों पर राज ठाकरे ने भाजपा से पूछे सवाल, सतेज पाटिल को समर्थन
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने गोकुल दूध संघ में पांच सरकार नियुक्त निदेशकों के फैसले पर महायुति से सवाल किए और सतेज पाटिल का साथ दिया है।
गोकुल दूध संघ के संचालक मंडल में पांच निदेशक सरकार की तरफ से नियुक्त किए जाएंगे और उनमें से चार को वोट डालने का अधिकार भी होगा। यह फैसला महायुति ने लिया है। इसी फैसले को लेकर अब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने महायुति और भाजपा पर निशाना साधा है और सतेज पाटिल को अपना समर्थन जताया है।
खबर के मुताबिक इस फैसले की वजह से सतेज पाटिल की समविचारी अघाड़ी के हाथ से अध्यक्ष पद जाने की नौबत आ गई है। कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी रखी है। साथ ही कांग्रेस ने जनता के बीच उतरने की तैयारी भी शुरू कर दी है। विपक्ष ने महायुति के इस फैसले पर आक्रामक रुख अपनाया है।
राज ठाकरे ने कहा कि भाजपा को गोकुल में रडी का दांव यानी बेईमानी का खेल बंद कर देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाए कि सरकार पांच निदेशक क्यों नियुक्त कर रही है, उन्हें वोट देने का हक क्यों दे रही है, और अगर लोकतंत्र का मान रखना है तो गोकुल में यह सब क्यों किया जा रहा है। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि भाजपा में समझदारी का भीषण अकाल पड़ा है।
राज ठाकरे ने कहा, भारतीय जनता पार्टी एक अजीब पार्टी है। वह नीचे से ऊपर तक सत्ता में है, फिर भी लोकतंत्र बचाओ के नाम पर मोर्चे निकाल रही है। उनके मुताबिक यह दुनिया का अकेला उदाहरण होगा, जहां सत्ताधारी पार्टी विपक्षी पार्टी के खिलाफ मोर्चा निकालती है।
उन्होंने गोकुल के नतीजे का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा के पैनल के 12 लोगों के सामने सतेज पाटिल के पैनल के 13 लोग चुनकर आए। इसके फौरन बाद सरकार के, यानी भाजपा के अपने ही, पांच निदेशक क्यों नियुक्त किए गए, और उन्हें वोट का अधिकार देकर क्या साबित किया जा रहा है, यह राज ठाकरे ने पूछा। उन्होंने कहा कि जो लोग चुनकर आए, वे बैलेट से और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़कर आए हैं। राज ठाकरे का कहना था कि अगर भाजपा को सचमुच लोकतंत्र की परवाह या फिक्र होती, तो वह ऐसा नहीं करती। उनके शब्दों में, गोकुल पर सत्ता नहीं मिली तो भाजपा ने अपने सारे उसूल एक तरफ रख दिए और अब लोकतंत्र बचाओ कहकर मोर्चे निकालेगी।
राज ठाकरे ने कहा कि सत्ता में रहते हुए भाजपा लोकतंत्र बचाने के लिए मोर्चे निकालेगी और खुद ही लोकतंत्र का गला घोंटेगी। उन्होंने आगे कहा कि इन्हीं के दौर में आतंकी हमले हुए और कानून व्यवस्था बिगड़ी, इसलिए ये देश को आतंकवाद से बचाने के लिए मोर्चे निकालेंगे। उनका यह भी कहना था कि देश की अर्थव्यवस्था गड्ढे में चली गई है, तो अब अर्थव्यवस्था बचाने के लिए भी मोर्चे निकालेंगे।
राज ठाकरे ने कहा, महाराष्ट्र में इस वक्त पानी का भीषण अकाल है और भारतीय जनता पार्टी में समझदारी का भीषण अकाल है। दोनों एक ही समय में कैसे आ गए, इसी पर आश्चर्य होता है।
बहुमत को लेकर भी राज ठाकरे ने भाजपा से कहा कि आपने जिस भी रास्ते से बहुमत हासिल किया, उसे सारे विरोधी दल 12 साल तक सहते रहे। अब देश की जनता विपक्ष की तरफ झुकने लगी है, तो भाजपा को भी आगे सहना सीखना चाहिए। इस तरह गोकुल की सत्ता की इस लड़ाई में सतेज पाटिल को अब राज ठाकरे का भी साथ मिलता दिख रहा है।
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