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सूखे की मार के बीच राज ठाकरे का फैसला, इस साल शिवाजी पार्क में नहीं होगा मनसे का दीपोत्सव

सूखे की मार के बीच राज ठाकरे का फैसला, इस साल शिवाजी पार्क में नहीं होगा मनसे का दीपोत्सव तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने एक्स पर वीडियो डालकर बताया कि दीपोत्सव इस बार नहीं होगा। उन्होंने लोगों से पटाखों और रोशनी पर संयम रखने की अपील भी की।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने साफ कर दिया है कि इस बार मुंबई के शिवाजी पार्क मैदान पर पार्टी का दीपोत्सव नहीं होगा। वजह है राज्य पर छाया सूखा। राज ठाकरे ने यह बात एक वीडियो के जरिए रखी, जो उन्होंने 4 नवंबर 2026 को एक्स पर डाला। उन्होंने बताया कि यह फैसला "हमने" लिया है।

वीडियो ऐसे वक्त आया है जब दिवाली कल से शुरू हो रही है। बाजार सज गए हैं और लोग खरीदारी में लगे दिख रहे हैं। दूसरी तरफ गांव-देहात में हालात बिगड़े हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 358 में से 304 तालुकों में सूखा घोषित किया जा चुका है। अंदाजा है कि करीब 141.53 लाख हेक्टेयर पर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। इसमें बारिश के भरोसे वाली खेती, सिंचाई वाली खेती और फलों के बाग, तीनों शामिल हैं।

मनसे हर साल शिवाजी पार्क में दीपोत्सव करती आई है। वहां रंग-बिरंगी रोशनी सजती है और आतिशबाजी होती है। राज ठाकरे के मुताबिक इस आयोजन को लेकर हर साल लोगों में खूब जोश रहता है। मुंबई और ठाणे ही नहीं, महाराष्ट्र के कोने-कोने से लोग इसे देखने खास तौर पर पहुंचते हैं। इस साल यह सब नहीं होगा।

राज ठाकरे ने कहा कि इस फैसले के पीछे इकलौती वजह महाराष्ट्र में पड़ चुका, चल रहा और आगे आने वाला भयानक सूखा है। उनका कहना था कि जब अपने ही भाई-बहन इस मार को झेल रहे हों, तब ऐसा जश्न मनाना उनके मन को ठीक नहीं लगा।

उन्होंने कहा कि आज महाराष्ट्र बड़े अजीब दौर से गुजर रहा है। कई गांवों में पानी का संकट खड़ा हो गया है और सूखा आगे और बढ़ने वाला है। ऐसे में हम पूरे जोश से दिवाली मनाएं तो गांवों में रहने वाले हमारे भाई-बहनों और उनके बच्चों को कैसा लगेगा, यह हमें खुद सोचना चाहिए।

मुख्यमंत्री का हवाला देते हुए राज ठाकरे ने कहा कि उन्होंने ही बताया था कि यह सूखा 1972 के सूखे से भी ज्यादा भयानक होगा। राज ठाकरे के हिसाब से जब यह चेतावनी पहले ही मिल चुकी थी, तब भी सत्ताधारी पार्टी के लोग बात को समझे नहीं और गरबा खेलने में लगे रहे। इस पर उन्होंने कहा, "खैर, वह उनका सवाल है", यानी यह उनका अपना मामला है। उन्होंने जोड़ा कि उन्हें खुद ऐसे मौके पर इस तरह का दीपोत्सव करना दिल से सही नहीं लगता, इसलिए इस साल यह नहीं होगा।

राज ठाकरे ने आम लोगों से भी हाथ जोड़कर अपील की। उन्होंने कहा कि कई इलाकों से लोगों के झुंड के झुंड शहरों की तरफ निकलकर आएंगे, और शहरों का हाल तो हम अभी से देख ही रहे हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर जश्न मनाना उन्हें ठीक नहीं लगा, और उनकी राय में लोगों को भी ऐसा नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम महाराष्ट्र के नागरिक हैं, हमें इस राज्य से प्यार है, और जब अपने लोग झुलस रहे हों तब खुशियां मनाना अच्छा नहीं लगता।

साथ ही उन्होंने साफ किया कि बात काली दिवाली मनाने की नहीं है। घर में कंदील लगाएं, पकवान बांटें और बाकी सारी रस्में निभाएं, पर रोशनी की सजावट और पटाखों पर लगाम रखें। पटाखे फोड़ते समय संयम बरतें। राज ठाकरे के शब्दों में यह खुद पर काबू रखने की बात है।

आखिर में उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल हालात सुधर जाएंगे और इसके लिए भगवान से प्रार्थना भी की। उनका कहना है कि तब एक बार फिर पूरे जोर-शोर से दिवाली और दीपोत्सव मनाया जाएगा। वीडियो के अंत में उन्होंने अपनी ओर से, अपनी पार्टी की ओर से और अपने परिवार की ओर से सभी को दिवाली की दिल से शुभकामनाएं दीं।

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