एक साल के ब्रेक के बाद फिर रोशन हुआ अंधेरी का लोखंडवाला मार्केट, दुकानदारों ने जुटाया चंदा
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स रोड पर 800 मीटर तक दिवाली की लाइटें लगाई गई हैं। लोखंडवाला व्यापारी मंडल के मुताबिक करीब 60 फीसदी दुकानदारों ने इसके लिए पैसा दिया।
अंधेरी वेस्ट का लोखंडवाला मार्केट इस दिवाली एक बार फिर लाइटों से जगमगा उठा है। लोखंडवाला व्यापारी मंडल ने एक साल का ब्रेक लेने के बाद इस बार फिर मार्केट रोड पर सजावट कराई है। पिछले साल यह रोशनी गायब थी।
पिछले साल मंडल ने लाइटें नहीं लगाई थीं। दुकानदारों का कहना था कि लोग ऑनलाइन शॉपिंग करने लगे हैं, इससे दुकानों की बिक्री घट गई और कारोबार को नुकसान हुआ। इस बार तस्वीर अलग है। लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स रोड का पूरा 800 मीटर का हिस्सा, जहां मार्केट है, लाइटों की लड़ियों से सजाया गया है। यह इस बात का साफ संकेत है कि ग्राहक अपने पसंदीदा लोखंडवाला मार्केट में लौट आए हैं।
लोखंडवाला ओशिवारा सिटिजंस एसोसिएशन के संस्थापक और सदस्य धवल शाह ने कहा, "उपनगरों में यह हमारे इलाके की अनोखी परंपरा है। इतने भव्य तरीके से ऐसा करने वाला हम अकेले हैं। इन लाइटों को देखने पूरे मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे और मुंबई के आसपास की जगहों से लोग आते हैं।"
शाह ने आगे कहा, "हमने लाइटों के वीडियो सोशल मीडिया पर डाले, जो वायरल हो गए हैं। इससे शहर में अच्छा माहौल बनता है। सड़कों और बाकी चीजों की आम शिकायतों की जगह यह देखने वाले हर किसी को खुशी देता है, और हमें इस बात पर गर्व है कि यह हमारे इलाके में है।"
मार्केट रोड पर सभ्यता स्टोर के दुकानदार अशोक कुमार ने बताया, "पिछले साल लाइटें नहीं थीं, इसलिए इस बार हमें इन्हें वापस लाना ही था। चंदा जुटाने के दौरान हमने फंड में 12,000 रुपये दिए। हमारे लिए लाइटों की खास बात यह है कि ये लोगों को खींचती हैं, जिससे दुकानों पर आने वालों की संख्या बढ़ती है। रोज पांच में से दो लोग भी कुछ खरीद लें, तो जितना हमने फंड में दिया उससे ज्यादा कमाई हो जाती है।"
रिकित न्यूट्रिशनल सप्लिमेंट्स चलाने वाले रिकित देढिया ने कहा, "हमारी दुकान ने 12,000 रुपये दिए, लेकिन कुछ और दुकानों ने 10,000 से 14,000 रुपये के बीच दिए हैं। लाइटों से हमारे धंधे को मदद मिलती है, क्योंकि लोग इन्हें देखने आते हैं और दिवाली के लिए दुकानों से सामान खरीद लेते हैं।"
लोखंडवाला व्यापारी मंडल के अध्यक्ष रायचंद जैन ने कहा, "इस साल मुंबईकरों ने दिखा दिया कि उन्हें लोखंडवाला मार्केट से कितना प्यार है। सजावट के लिए फंड जुटाने में हमें कोई दिक्कत नहीं हुई। यह मुंबईकरों को अपनी दुकानों में बुलाने का हमारा तरीका है, ताकि हम उनकी दिवाली खास बना सकें।"
मंडल के एक और सदस्य ने कहा, "पिछले साल फंड की कमी के साथ-साथ हमारे मंडल का कोई आयोजक भी मौजूद नहीं था। लेकिन इस बार हमने पूरा जोर लगा दिया है। मार्केट के करीब 60 फीसदी दुकानदारों ने सजावट के लिए पैसा दिया है।"
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