राज ठाकरे ने सूखे के चलते शिवाजी पार्क का मनसे दीपोत्सव इस साल रद्द किया
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने वीडियो जारी कर बताया कि महाराष्ट्र के सूखे को देखते हुए दादर के शिवाजी पार्क में इस साल दीपोत्सव नहीं होगा।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने ऐलान किया है कि इस साल मुंबई के छत्रपति महाराज शिवाजी पार्क मैदान में दीपोत्सव नहीं मनाया जाएगा। यह फैसला उन्होंने एक वीडियो जारी करके सबके सामने रखा। राज ठाकरे ने कहा कि दीपोत्सव न मनाने का फैसला "हमने" लिया है।
फैसले की पृष्ठभूमि राज्य का सूखा है। राज्य के 358 में से 304 तालुकों में सूखा घोषित किया जा चुका है। अंदाजे के मुताबिक करीब 141.53 लाख हेक्टेयर पर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसमें असिंचित खेती, सिंचित खेती और फलों के बागों, तीनों की फसलें शामिल हैं।
मनसे हर साल शिवाजी पार्क मैदान में दीपोत्सव मनाती है। वहां आकर्षक रोशनी की जाती है और आतिशबाजी होती है। राज ठाकरे ने वीडियो में बताया कि इस आयोजन को लेकर हर साल काफी उत्साह रहता है। उनके मुताबिक मुंबई, ठाणे और महाराष्ट्र के कोने-कोने से लोग यह दीपोत्सव देखने खास तौर पर आते हैं और उसका आनंद लेते हैं।
राज ठाकरे ने कहा, इस साल दीपोत्सव न मनाने की एकमात्र वजह महाराष्ट्र में मौजूद, आ चुका और आने वाला भयानक सूखा है। उनके शब्दों में, ऐसे सूखे के बीच इस तरह का उत्सव मनाया जाए, यह उनके मन को ठीक नहीं लगा।
राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र आज बहुत अजीब हालात से गुजर रहा है। कई जगह गांवों में पानी का सवाल खड़ा हो गया है और सूखा भयानक है, आगे और बढ़ने वाला है। ऐसे में हम जिस उत्साह से दिवाली मना रहे हैं, उसे देखकर ग्रामीण इलाकों के हमारे भाई-बहनों को और उनके बच्चों को क्या लगेगा, इस बारे में हमें खुद सोचना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बताया है कि यह सूखा 1972 से भी ज्यादा भयानक होगा। राज ठाकरे के मुताबिक यह बात पहले से बता दी गई थी, फिर भी सत्ताधारी पार्टी के लोग शायद उसे समझ नहीं पाए और गरबा खेलते रहे। उन्होंने कहा, "खैर, वह उनका सवाल है", यानी यह उनका मामला है। राज ठाकरे ने कहा कि दिवाली मनाते वक्त और ऐसा दीपोत्सव करते वक्त उन्हें खुद यह बात मन से ठीक नहीं लगती, इसीलिए इस साल यह फैसला लिया गया।
राज ठाकरे ने लोगों से भी विनम्र अपील की। उन्होंने कहा कि कई जगहों से लोगों के झुंड के झुंड बाहर निकलकर शहरों की तरफ आएंगे और शहर के हालात हम अभी देख ही रहे हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर उत्सव मनाना उन्हें ठीक नहीं लगा और उनके मुताबिक लोगों को भी ठीक नहीं लगना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि काली दिवाली मनाने की बात नहीं है। कंदील लगाए जाएं, दिवाली का पकवान बांटा जाए, बाकी सब कुछ किया जाए, लेकिन रोशनी की सजावट और पटाखे फोड़ने पर लगाम लगाई जाए। उनके शब्दों में यह खुद पर संयम रखने की बात है।
राज ठाकरे ने उम्मीद जताई कि अगले साल सब कुछ ठीक हो जाएगा और इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि अगले साल एक बार फिर जोर-शोर से दिवाली और दीपोत्सव मनाया जाएगा। आखिर में उन्होंने अपनी तरफ से, अपनी पार्टी की तरफ से और अपने परिवार की तरफ से सबको दिवाली की दिल से शुभकामनाएं दीं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।