राज ठाकरे ने डॉक्यूमेंट्री की पोस्ट हटाई, कहा मुंबई पुलिस कमिश्नर की गुजारिश का मान रखा
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने सबीर भाटिया की डॉक्यूमेंट्री वाली अपनी पोस्ट सोशल मीडिया से हटा दी है। यह डॉक्यूमेंट्री गौतम अदानी और नरेंद्र मोदी की दोस्ती पर है। राज ठाकरे के मुताबिक उन्हें मुंबई के पुलिस कमिश्नर के जरिए गुजारिश की गई थी कि यह डॉक्यूमेंट्री हटा दी जाए। उन्होंने कहा कि मुंबई पुलिस के प्रमुख की इस गुजारिश का मान रखते हुए वे पोस्ट डिलीट कर रहे हैं।
राज ठाकरे का कहना है कि डॉक्यूमेंट्री शेयर करने के बाद उसे इतना जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला कि ऊपर बैठे लोगों को घबराहट होना और अपना राज खुल जाने का डर लगना स्वाभाविक था। मगर यह डर इतना बड़ा रहा होगा कि मुझे पुलिस कमिश्नर के जरिए डॉक्यूमेंट्री हटाने को कहा गया, ऐसा उन्होंने कहा। उनके मुताबिक जो उन्हें कहना था, वह जनवरी 2026 की सभा में और अब इस डॉक्यूमेंट्री को पोस्ट करने के बहाने कहा जा चुका है। देश का प्रबोधन करना ही मकसद था और आज भी है।
राज ठाकरे ने साफ किया कि उन्हें जो गुजारिश मिली है, वह मुंबई पुलिस कमिश्नर की है। उन्होंने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस देश का सबसे कुशल पुलिस दल है और उनके मन में पुलिस के लिए हमेशा इज्जत रही है। इसी वजह से वे पुलिस प्रमुख की गुजारिश का मान रख रहे हैं और डॉक्यूमेंट्री की पोस्ट डिलीट कर रहे हैं।
इसके साथ उन्होंने कहा कि जो आग लगनी थी, वह लग चुकी है। जनवरी 2026 में शिवतीर्थ से उन्होंने देश की एकाधिकारशाही के खिलाफ जो चिंगारी डाली थी, वह अब जंगल की आग यानी दावानल बन चुकी है। उनके मुताबिक लड़ाई जारी है। जनवरी 2026 की उनकी पोस्ट अब भी वहीं है और वहीं रहेगी। जो डॉक्यूमेंट्री उन्होंने शेयर की थी, वह दूसरों ने बनाई थी। उसे लोगों तक पहुंचाना मकसद था और वह पूरा हो गया। इसी बहाने वे अपनी उस पुरानी प्रस्तुति को फिर सामने ला रहे हैं और जनवरी 2026 के प्रेजेंटेशन का हिस्सा दोबारा दे रहे हैं। उन्होंने अपील की कि लोग एक बार फिर जरूर देखें।
अपने बयान में राज ठाकरे ने कहा कि उनकी शेयर की हुई डॉक्यूमेंट्री को सिर्फ ट्विटर पर 48 लाख से ज्यादा व्यूज मिले और फेसबुक पर भी जबरदस्त रिस्पॉन्स आया। ये उनके अपने सोशल मीडिया के आंकड़े हैं। दूसरे लोगों ने जो शेयर किया और उससे जो व्यूज आए, उनकी गिनती ही नहीं है। उन्होंने बताया कि सबीर भाटिया ने डॉक्यूमेंट्री अभी बनाई है, लेकिन उससे पहले जनवरी 2026 में मुंबई के शिवतीर्थ से वे खुद बड़ा प्रेजेंटेशन कर चुके थे। उसमें दिखाया गया था कि अदानी समूह किस तरह पूरे देश को निगलने निकला है। उस प्रेजेंटेशन को अद्वितीय रिस्पॉन्स मिला था। वे वीडियो आज भी उनके सोशल मीडिया पर हैं और उसकी कुछ क्लिप्स इस डॉक्यूमेंट्री में भी इस्तेमाल हुई हैं।
राज ठाकरे ने अपनी भूमिका भी दोहराई। उनके मुताबिक उनका विरोध किसी व्यक्ति से नहीं, एकाधिकारशाही से है। वे अपने भाषणों में कई बार कह चुके हैं कि प्रधानमंत्री देश के कई उद्योगपतियों को बड़ा करें, जिससे देश में भारी रोजगार और भारी पैसा पैदा हो, और कई उद्योगपतियों को दुनिया जीतने की ताकत दें। लेकिन अगर सिर्फ एक का लाड़ किया जाए और उससे देश को खतरा पैदा हो, तो उनका विरोध था और आगे भी रहेगा। इसलिए अदानी हों या कोई और, किसी की भी एकाधिकारशाही का विरोध होगा।
उन्होंने भीमाशंकर का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से कहा है कि भीमाशंकर की कुछ सौ हेक्टेयर जंगल की जमीन गुजरात की टोरेंट कंपनी को दे दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की जंगल की कई जमीनें सरकार ने चुनिंदा दोस्त उद्योगपतियों को दे दी हैं और आगे भी देने की तैयारी है। राज ठाकरे ने कहा कि कौन किस पार्टी में है, इससे उन्हें मतलब नहीं, पर महाराष्ट्र के नागरिक होने के नाते आंखों के सामने महाराष्ट्र बिकता देखकर गुस्सा क्यों नहीं आता, यही उन्हें हैरानी की बात लगती है। उन्होंने सवाल किया कि मराठी सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को भी यह सब देखकर गुस्सा नहीं आता क्या। उनके मुताबिक सत्ता के आगे इतना झुकना महाराष्ट्र के इतिहास, परंपरा और संस्कृति को शोभा नहीं देता। फिर छत्रपति शिवाजी की घोषणाएं देने और महाराष्ट्र गीत गाने का दिखावा क्यों किया जाता है, यह भी उन्होंने पूछा।
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