एक्वा लाइन पर वीकडे में अब 337 ट्रिप, पीक आवर्स में ट्रेनों का गैप 4 मिनट 25 सेकंड
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मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मेट्रो लाइन 3 पर हफ़्ते के दिनों की ट्रेन ट्रिप 291 से बढ़ाकर 337 कर दी हैं। नया टाइमटेबल सोमवार, 2 नवंबर, 2026 से लागू है।
मुंबई मेट्रो लाइन 3, यानी एक्वा लाइन, पर अब हफ़्ते के दिनों में ज़्यादा ट्रेनें चलेंगी। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) ने वीकडे की ट्रेन सर्विस में 46 ट्रिप जोड़ी हैं। इससे रोज़ाना चलने वाली ट्रिप की कुल संख्या 291 से बढ़कर 337 हो गई है। बदला हुआ टाइमटेबल सोमवार, 2 नवंबर, 2026 से लागू हो चुका है।
MMRC के मुताबिक यह फ़ैसला यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया है। मकसद यह है कि कॉरिडोर में भीड़भाड़ कम हो और लोगों को स्टेशन पर कम इंतज़ार करना पड़े, खासकर पीक आवर्स में।
नए शेड्यूल में पीक आवर्स के दौरान दो ट्रेनों के बीच का गैप 4 मिनट 50 सेकंड से घटाकर 4 मिनट 25 सेकंड कर दिया गया है। उम्मीद है कि इससे ऑफिस जाने वालों को और पश्चिमी उपनगरों व दक्षिण मुंबई के बीच रोज़ आने-जाने वाले दूसरे यात्रियों को राहत मिलेगी।
आरे JVLR से कफ परेड तक पूरे रूट पर सर्विस शुरू होने के बाद से MMRC ट्रिप की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाता आ रहा है। शुरुआत में कॉरिडोर पर रोज़ 271 ट्रेन ट्रिप चलती थीं। 23 जून, 2026 को यह संख्या 282 की गई और 28 सितंबर, 2026 को 291। अब 337 ट्रिप के साथ मुंबई के इस अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर की सर्विस में एक और बड़ा इज़ाफ़ा हुआ है। वीकेंड पर ट्रेनें अलग टाइमटेबल के हिसाब से ही चलती रहेंगी, यह MMRC ने साफ़ किया है।
यात्रियों के आंकड़े भी इस बढ़ोतरी की वजह बताते हैं। MMRC के जारी डेटा के मुताबिक पूरे रूट पर चलने के पहले साल में एक्वा लाइन पर 7,20,88,738 पैसेंजर ने सफ़र किया, यानी 7.2 करोड़ का आंकड़ा पार हो गया। सितंबर 2026 में हफ़्ते के दिनों में रोज़ औसतन 2,24,602 पैसेंजर ने मेट्रो ली, जबकि वीकेंड पर यह आंकड़ा 1,31,138 रहा।
वीकडे और वीकेंड के बीच का यह फ़र्क दिखाता है कि मुंबई के रोज़ाना सफ़र करने वालों के लिए मेट्रो लाइन 3 कितनी अहम होती जा रही है, खासकर उनके लिए जो बड़े बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट और कमर्शियल सेंटर में काम पर जाते हैं।
मेट्रो लाइन 3 करीब 33.5 km लंबी है। यह पश्चिमी उपनगरों में आरे JVLR को दक्षिण मुंबई के कफ परेड से जोड़ती है। यह अंडरग्राउंड कॉरिडोर कई ज़रूरी रेजिडेंशियल, कमर्शियल और ट्रांसपोर्ट हब से गुज़रता है। इससे लोगों को सड़क के सफ़र का एक विकल्प मिलता है और शहर में कनेक्टिविटी बेहतर होती है।
आगे के लिए MMRC ने कहा है कि वह पैसेंजर की मांग और ऑपरेशनल ज़रूरतों पर नज़र रखेगा, ताकि पता चल सके कि और सर्विस की ज़रूरत है या नहीं। कॉर्पोरेशन का कहना है कि उसका मकसद फ्रीक्वेंसी बेहतर करना, इंतज़ार का समय घटाना और रोज़ के सफ़र को भरोसेमंद बनाना है, क्योंकि एक्वा लाइन पर राइडरशिप लगातार बढ़ रही है।
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