भांडुप में पटरी पार करते कॉलेज छात्र की मौत, परिवार ने रेलवे से मुआवजा मांगा
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सेंट्रल रेलवे में सिग्नल गड़बड़ी के अगले दिन 21 साल के साहिल थिटे के परिवार ने मुआवजे की मांग की है। पुलिस इसे ट्रैक पर अनधिकृत घुसपैठ से जुड़ा हादसा बता रही है।
सेंट्रल रेलवे की लोकल सेवा सोमवार को सिग्नल की बड़ी गड़बड़ी से कई घंटे ठप रही। उसके अगले दिन भांडुप में पटरी पार करते हुए जान गंवाने वाले 21 साल के एक कॉलेज छात्र के परिवार ने रेलवे से मुआवजा मांगा है। परिवार का आरोप है कि इस गड़बड़ी की वजह से ही उसकी मौत हुई।
मृतक का नाम साहिल नवनाथ थिटे है। वह रत्नम कॉलेज में बीकॉम के आखिरी साल में पढ़ता था। सोमवार शाम भांडुप स्टेशन पर कल्याण की तरफ जा रही एक फास्ट लोकल की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। परिवार के मुताबिक गड़बड़ी के चलते साहिल फास्ट लोकल से भांडुप की तरफ नहीं जा पा रहा था, इसलिए वह स्लो ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर रहा था।
रिश्तेदारों का कहना है कि हादसे के वक्त कई यात्री दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए पटरियां पार कर रहे थे। उनके मुताबिक साहिल प्लेटफॉर्म पर चढ़ ही रहा था कि सामने से आ रही ट्रेन में उसका बैग फंस गया। वह गिर पड़ा और उसकी जान चली गई। साहिल के चचेरे भाइयों विशाल थिटे और संदीप थिटे ने रेलवे से मुआवजे की मांग की है। उनका आरोप है कि सेवाओं में आई रुकावट इस जानलेवा हादसे की वजह बनी।
संदीप ने यह भी दावा किया कि सिग्नल गड़बड़ी से जुड़े हादसों में कांजुरमार्ग, विक्रोली, घाटकोपर और मुलुंड के बीच पांच लोगों की मौत हुई। दूसरी तरफ कुर्ला रेलवे पुलिस ने साहिल की मौत को पटरी पर बिना इजाजत घुसने से जुड़ा हादसा बताया है और इसका सिग्नल गड़बड़ी से कोई संबंध होने की बात से इनकार किया है।
सोमवार को ही एक अलग हादसे में घाटकोपर और विक्रोली के बीच पटरी पर दो भाइयों की मौत हो गई। उनके नाम खरबन राजभर (39) और राहुल राजभर (25) हैं। दोनों मजदूरी करते थे। कुर्ला रेलवे पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर प्रदीप शिंदे ने बताया कि दोनों भाई उत्तर प्रदेश के मऊ के रहने वाले थे और अपने परिवारों से दूर ठाणे की एक चॉल में साथ रहते थे।
शिंदे के मुताबिक खरबन शादीशुदा था और उसके चार बेटे हैं, जबकि राहुल की शादी नहीं हुई थी। यह हादसा करीब 4 बजे कल्याण की तरफ जा रही एक एसी फास्ट लोकल से हुआ। जगह दो स्टेशनों के बीच की है, इसलिए वहां की कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं है। रेलवे पुलिस ने आकस्मिक मौत की रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है और हादसे के हालात की जांच कर रही है।
ये मौतें उस दिन हुईं जब यात्री भारी परेशानी झेल रहे थे। सोमवार सुबह कांजुरमार्ग में सिग्नल हट के अंदर आग लग गई थी। इस आग से सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल (CTC) रैक और सिग्नलिंग व टेलीकम्युनिकेशन (S&T) के उपकरण खराब हो गए, जिससे ट्रेनों का चलना प्रभावित हुआ। इसके ऊपर मुलुंड और ठाणे के बीच ओवरहेड उपकरण की अलग दिक्कत ने हालत और बिगाड़ दी।
साहिल के परिवार के एक सदस्य ने ज्यादा बात करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, "हम साहिल के अंतिम संस्कार के लिए पुणे जा रहे हैं, हमारा बात करने का मन नहीं है।"
सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर डॉ. स्वप्निल नीला ने बताया कि खराब हुआ CTC रैक और S&T उपकरण सोमवार को करीब 7 बजे तक ठीक कर दिए गए थे। उन्होंने पुष्टि की कि मंगलवार को सिग्नल की कोई दिक्कत नहीं रही। आग की वजह का पता लगाने के लिए सेंट्रल रेलवे ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है।
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