कांजूरमार्ग में सिग्नल केबिन की आग से सेंट्रल रेलवे ठप, ठाणे से विक्रोली तक सिग्नल बंद
सोमवार सुबह से मध्य रेलवे की लोकल और एक्सप्रेस गाड़ियां पटरियों पर खड़ी हैं, रात तक ही सेवा सामान्य होने की उम्मीद है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सोमवार को हफ्ते के पहले ही दिन मुंबई में सेंट्रल रेलवे की लोकल सेवा बुरी तरह ठप हो गई। सुबह करीब 10 बजे मध्य रेलवे के रूट पर सिग्नल सिस्टम में बड़ा बिगाड़ आया। दोपहर के दो बज गए, फिर भी रेलवे प्रशासन इसे ठीक नहीं कर पाया है। पिछले पांच घंटे से अप और डाउन दिशा की स्लो और फास्ट, दोनों लाइनों पर आवाजाही पूरी तरह बिगड़ी हुई है।
इस गड़बड़ी की वजह कांजूरमार्ग के सिग्नल केबिन में लगी आग बताई गई है। इसी आग के कारण ठाणे से विक्रोली के बीच पूरा सिग्नल सिस्टम बंद पड़ गया। इससे पहले सुबह 10 बजे मुलुंड और ठाणे के बीच ओव्हरहेड वायर में खराबी आने से गाड़ियां रुकी थीं। उसके बाद कांजूरमार्ग में सिग्नल केबिन में आग लगी और कांजूरमार्ग स्टेशन के आगे के सारे सिग्नल एक झटके में बंद हो गए।
सिग्नल बंद होते ही मोटरमैन को लोकल गाड़ियां जहां थीं वहीं रोकनी पड़ीं। अभी पटरियों पर गाड़ियां एक के पीछे एक खड़ी हैं, जिनमें लंबी दूरी की एक्सप्रेस गाड़ियां भी शामिल हैं। एक-दो घंटे बीतने के बाद भी गाड़ियां नहीं हिलीं तो कई यात्री पटरियों पर उतरकर पैदल ही अगले स्टेशन तक पहुंचे।
यहां के केबल बदलने में अभी करीब तीन से चार घंटे और लगेंगे। इसलिए मध्य रेलवे की आवाजाही रात तक ही सामान्य होने की संभावना है। सिग्नल सिस्टम जल्दी शुरू भी हो जाए, तो अब तक लोकल गाड़ियों का पूरा टाइमटेबल बिगड़ चुका है। इसलिए शाम की भीड़ के वक्त मध्य रेलवे के स्टेशनों पर भारी भीड़ होने की आशंका है।
एक दिन पहले ही मध्य रेलवे के रूट पर मेगाब्लॉक रखा गया था। उसके अगले ही दिन इतनी बड़ी तकनीकी खराबी आने से सवाल उठ रहे हैं कि मेगाब्लॉक के दौरान रेलवे ने आखिर क्या किया। रोज देर से चलने वाली गाड़ियों और तकनीकी गड़बड़ियों से परेशान यात्री मध्य रेलवे के कामकाज पर काफी गुस्सा जता रहे हैं।
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