यूनेस्को रिपोर्ट: 95 फीसदी युवाओं की हायर सेकेंडरी पढ़ाई पूरी होने में लगेगा 2105 तक का वक्त
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यूनेस्को की ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट 2026 के मुताबिक मौजूदा रफ्तार रही तो 95 प्रतिशत युवाओं की हायर सेकेंडरी पढ़ाई 2105 में पूरी होगी।
यूनेस्को की ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट 2026 में पढ़ाई को लेकर बेहद चिंता वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगर सुधार और तरक्की की रफ्तार यही रही, तो दुनिया के 95 प्रतिशत युवाओं के हायर सेकेंडरी शिक्षा पूरी करने का लक्ष्य 2105 में जाकर पूरा होगा। यानी सभी बच्चों की पढ़ाई पूरी होने के लिए एक सदी से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा।
अब देखते हैं कि पढ़ाई पूरी करने की मौजूदा हालत क्या है। रिपोर्ट के अनुसार प्राइमरी शिक्षा पूरी करने की वैश्विक दर साल 2000 में 77 प्रतिशत थी, जो 2024 में बढ़कर 88 प्रतिशत हो गई है। सेकेंडरी शिक्षा की दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत पर पहुंची है। हायर सेकेंडरी का स्तर 37 प्रतिशत से सुधरकर 61 प्रतिशत हुआ है। इसके बावजूद दुनिया में हर 10 में से करीब 4 युवा हायर सेकेंडरी पूरी किए बिना ही स्कूल छोड़ देते हैं।
स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की तादाद भी बड़ी है। 2024 के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में करीब 27 करोड़ 30 लाख बच्चे और युवा स्कूल से बाहर हैं। यह स्कूल जाने की उम्र के हर 6 में से 1 बच्चे के बराबर है। आबादी में बढ़ोतरी, दुनिया भर के संघर्ष और शिक्षा के बजट में कटौती की वजह से लगातार सातवें साल स्कूल से बाहर बच्चों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा बच्चे देर से स्कूल में दाखिला लेते हैं और एक ही क्लास में बार-बार फेल होकर रुक जाते हैं, जिससे वे अपनी उम्र के हिसाब से काफी पीछे रह जाते हैं।
कम आमदनी वाले देशों की हालत सबसे खराब है। गरीब देशों में सबसे अमीर परिवारों के 100 युवाओं के मुकाबले सिर्फ 13 गरीब युवा ही हायर सेकेंडरी शिक्षा पूरी कर पाते हैं। वहीं गांवों में शहरों की तुलना में पढ़ाई की स्थिति बहुत नाजुक है।
पैसे की तंगी और बजट में कटौती का असर भी साफ दिखता है। 2024 में शिक्षा पर सार्वजनिक खर्च जीडीपी का सिर्फ 4.2 प्रतिशत और कुल सार्वजनिक खर्च का 12.6 प्रतिशत रहा। 183 देशों में से सिर्फ 41 देश ही शिक्षा बजट के अंतरराष्ट्रीय मानक को पूरा कर सके। 2023 से 2024 के बीच दुनिया भर में मिलने वाली शैक्षणिक मदद में 8 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि बुनियादी शिक्षा को मिलने वाली मदद में पूरे 16 प्रतिशत की बड़ी कटौती दर्ज हुई है।
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