रविवार, 11 अक्टूबर 2026

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17:44 IST

VHA हॉकी मैदान: जून में खामियां गिनाईं, अब वहीं शालेय हॉकी स्पर्धा करा रहा खेल विभाग

अमरावती रोड के विदर्भ हॉकी एसोसिएशन के मैदान को जून की रिपोर्ट में खेलने लायक नहीं बताया गया था। अब जिला खेल विभाग वहीं शालेय हॉकी स्पर्धाएं करा रहा है।

VHA हॉकी मैदान: जून में खामियां गिनाईं, अब वहीं शालेय हॉकी स्पर्धा करा रहा खेल विभाग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर में अमरावती रोड पर विदर्भ हॉकी एसोसिएशन (VHA) के हॉकी मैदान को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले रहा है। जून महीने में जिला प्रशासन को सौंपी गई रिपोर्ट में जिला खेल विभाग ने इस मैदान को खेलने के लिहाज से अनुपयुक्त बताया था। अब वही विभाग इसी मैदान पर स्कूली हॉकी स्पर्धाओं का आयोजन कर रहा है।

चार महीने में मैदान की स्थिति को लेकर बदले इस रुख ने पूरी कार्रवाई की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल गलियारों में चर्चा है कि कहीं VHA से मैदान खाली कराने के लिए खामियों को हथियार तो नहीं बनाया गया।

VHA को मैदान की लीज वर्ष 2037 तक मिली हुई थी। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने लीज समय से पहले खत्म करने की कार्रवाई की। तत्कालीन जिला खेल अधिकारी पल्लवी धात्रक की रिपोर्ट में मैदान की असमतल जमीन, गड्ढों, रखरखाव की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव का जिक्र किया गया था। इसी बीच नजूल विभाग ने मैदान पर कब्जे को लेकर नोटिस भी जारी किया।

अब उसी मैदान पर स्कूली हॉकी के आयोजन से रिपोर्ट की विश्वसनीयता और कार्रवाई के आधार पर चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहा है कि अगर मैदान खेलने लायक नहीं था तो वहां स्पर्धा कराने का फैसला किस आधार पर लिया गया। और अगर वहां हॉकी खेली जा सकती है तो उसे अनुपयुक्त बताने वाली रिपोर्ट कितनी सही थी।

विवाद अब सिर्फ लीज और जमीन तक सीमित नहीं रहा। जिस तरह रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ी और अब उसी मैदान पर खेल गतिविधियों की तैयारी है, उससे यह चर्चा तेज हुई है कि कहीं VHA को कमजोर कर मैदान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश तो नहीं हो रही। यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या तत्कालीन डीएसओ पर दबाव बनाकर रिपोर्ट तैयार कराई गई थी।

विदर्भ हॉकी एसोसिएशन के प्रशासक त्रिलोकीनाथ सिधरा ने मैदान पर कब्जे की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव में अधिकारियों से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक संपर्क करने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिला।

कानूनी मोर्चे पर भी एसोसिएशन को झटका लगा है। अपर विभागीय आयुक्त ने महाराष्ट्र जमीन राजस्व संहिता, 1966 की धारा 247 के तहत दायर अपील खारिज कर दी और कलेक्टर का आदेश कायम रखा। इसके तहत 3.80 हेक्टेयर नजूल जमीन का किराया पट्टा रद्द कर जमीन शासन के कब्जे में लेने का फैसला किया गया था।

तत्कालीन DSO पल्लवी धात्रक ने बताया कि उन्होंने दो अधिकारियों की जांच के बाद मिली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार की थी। वर्तमान प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी शशिकांत कलंबे ने कहा कि रिपोर्ट उनके कार्यकाल में नहीं बनी थी।

विदर्भ हॉकी एसोसिएशन के समन्वयक कृष्णा जोशी ने बताया कि मैदान एकदम सही है। उनके मुताबिक बच्चों के लिए डीएसओ की अनुमति भी VHA की ओर से ही दी गई है। उन्होंने कहा कि 28 सितंबर को अपर विभागीय आयुक्त के पास से अपील खारिज होने के बाद उन्होंने अपर विभागीय आयुक्त, कलेक्टर और तहसीलदार को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि अभी अपील करने के लिए उनके पास समय है, इसलिए तब तक मैदान पर कार्रवाई न की जाए।

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