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वाशी एपीएमसी में स्ट्रॉबेरी की आवक शुरू, ऊंची क्वालिटी 600 से 700 रुपये किलो

नवी मुंबई के वाशी एपीएमसी बाजार में सर्दी के मौसम की स्ट्रॉबेरी पहुंच गई है। मंगलवार 20 अक्टूबर को 288 क्विंटल की आवक हुई।

वाशी एपीएमसी में स्ट्रॉबेरी की आवक शुरू, ऊंची क्वालिटी 600 से 700 रुपये किलो तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नवी मुंबई के एपीएमसी बाजार में सर्दी का मौसम शुरू होते ही ग्राहकों की पसंदीदा स्ट्रॉबेरी की आवक शुरू हो गई है। कल मंगलवार, 20 अक्टूबर को वाशी के एपीएमसी बाजार में पूरे 288 क्विंटल स्ट्रॉबेरी पहुंची।

आमतौर पर स्ट्रॉबेरी का सीजन नवंबर से शुरू होता है, लेकिन इस साल यह अक्टूबर से ही शुरू हो गया है। फिलहाल वाशी के एपीएमसी बाजार में नाशिक, सापुतारा और महाबलेश्वर इलाकों से स्ट्रॉबेरी आ रही है।

दाम की बात करें तो स्ट्रॉबेरी के रेट तुलनात्मक रूप से ज्यादा हैं। ग्रेडिंग, साइज और क्वालिटी के हिसाब से दाम में फर्क पड़ता है। नवी मुंबई के एपीएमसी बाजार में एक डिब्बे की कीमत 150 रुपये है, जबकि ऊंची क्वालिटी की स्ट्रॉबेरी के भाव 600 से 700 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।

स्ट्रॉबेरी का सीजन ठंड के दिनों में पूरे शबाब पर रहता है, क्योंकि यह फसल ठंडे मौसम के लिए अनुकूल होती है। तापमान में उतार-चढ़ाव और बेमौसम बारिश का असर स्ट्रॉबेरी पर पड़ सकता है। इस साल मौसम लगातार बदल रहा है, इसलिए स्ट्रॉबेरी उगाने वाले किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा सूखे जैसे हालात, अनिश्चित बारिश और बढ़ते तापमान की वजह से किसानों की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका है। इसी वजह से इस साल स्ट्रॉबेरी के सीजन में गिरावट आने का अंदाजा लगाया जा रहा है।

महाराष्ट्र में स्ट्रॉबेरी उत्पादन का मुख्य इलाका महाबलेश्वर, पाचगणी और वाई को माना जाता है। नाशिक में भी स्ट्रॉबेरी की पैदावार होती है। ठंडे माहौल में अच्छी क्वालिटी की स्ट्रॉबेरी तैयार होती है।

तापमान में बढ़ोतरी उत्पादकों के लिए चिंता की बात बनी हुई है। प्रतिकूल मौसम की वजह से उत्पादन का समय घट गया है, इसलिए बाजार में आवक और दामों पर भी इसका असर दिखने की संभावना है।

आने वाले दिनों में ठंड कब शुरू होती है और मौसम कैसा रहता है, इसी पर स्ट्रॉबेरी का उत्पादन और बाजार में उसकी उपलब्धता निर्भर करेगी। अगर आवक कम रही तो अभी के ऊंचे दाम बने रह सकते हैं। आवक बढ़ने के बाद ही ग्राहकों को दामों में राहत मिल सकती है।

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