वर्धा में दो आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत चार्जशीट दाखिल करने की इजाजत मिली
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वर्धा शहर पुलिस स्टेशन के एक मामले में अपर पुलिस महासंचालक ने शादाब उर्फ बैंड पठाण और सोहेल उर्फ आफताब उर्फ मोंढा खान पर मकोका की चार्जशीट की मंजूरी दी।
वर्धा शहर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में दो आरोपियों के खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम 1999) के तहत चार्जशीट दाखिल करने की इजाजत मिल गई है। यह इजाजत अपर पुलिस महानिदेशक ने 04.11.2026 को दी।
मामले की शुरुआत 10.08.2026 को हुई, जब एक महिला की शिकायत पर वर्धा शहर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 1309/2026 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 76, 333, 115(2), 296, 351(3) और 3(5) लगाई गई थी। FIR में तीन लोगों के नाम हैं। पहला शादाबखाँ उर्फ बैंड मुक्त्यारखाँ पठाण, उम्र 32 साल, जो वार्ड क्रमांक 6, बोरगांव मेघे, वर्धा का रहने वाला है। दूसरा आयुष अजय नगराळे, उम्र 21 साल, रहने वाला सिद्धार्थ नगर, बोरगांव मेघे, वर्धा। तीसरा सोहेल उर्फ आफताब उर्फ मोंढा अकील खान, उम्र 26 साल, रहने वाला स्टेशन फैल, वर्धा।
पुलिस के मुताबिक इनमें से शादाब उर्फ बैंड खान और सोहेल उर्फ मोंढा खान पुराने रिकॉर्डवाले आरोपी हैं और पुलिस रिकॉर्ड में उन पर कई मामले दर्ज हैं। इसी वजह से वर्धा शहर के थानेदार ने इन दोनों पर मकोका की धाराएं बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया। प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक, वर्धा के जरिए नागपुर परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक के पास भेजा गया।
विशेष पुलिस महानिरीक्षक ने मकोका की धारा 3(1)(दो), 3(2) और 3(4) बढ़ाने की इजाजत दी। इसके बाद 25.08.2026 को इस मामले में ये धाराएं जोड़ दी गईं। साथ ही मामले की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी, वर्धा को सौंपी गई।
पुलिस का कहना है कि जांच अधिकारी ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और जांच में पुख्ता सबूत जमा किए। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश करने से पहले इजाजत लेनी थी। इसके लिए प्रस्ताव पुलिस अधीक्षक, वर्धा के जरिए अपर पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था), मुंबई, महाराष्ट्र राज्य श्री निखील गुप्ता के पास भेजा गया। उन्होंने 04.11.2026 को शादाब उर्फ बैंड मुक्त्यारखाँ पठाण और सोहेल उर्फ आफताब उर्फ मोंढा अकील खान के खिलाफ मकोका की चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दिया।
पुलिस के मुताबिक इन दोनों पर कुल 43 केस दर्ज हैं। इससे पहले इन पर झोपड़पट्टी दादा कानून के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस ने इस मौके पर नौजवानों के लिए एक बात भी साफ की है। अगर किसी आरोपी का यह पहला ही जुर्म हो, लेकिन उसने वह जुर्म किसी पुराने रिकॉर्डवाले अपराधी के साथ मिलकर किया हो, तो वह भी मकोका के तहत संगठित अपराध की कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। इससे उसका पूरा करियर खराब हो सकता है। इसलिए पुलिस ने युवाओं से कहा है कि अपराधियों के साथ उठने-बैठने से पहले यह बात याद रखें।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के मार्गदर्शन में हुई। इसमें एसडीपीओ सुनिल महाडिक, थानेदार नागेशकुमार चतरकर, पुलिस उपनिरीक्षक सुनिल राम और परवेज खान शामिल रहे। वर्धा पुलिस स्टेशन के पुलिस कर्मचारी गजानन लामसे, संजय बोगा, पवन निलेकर, अरविंद घुगे, समीर शेख और प्रविण मुन ने भी कार्रवाई में हिस्सा लिया।
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