मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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22:09 IST

वैजापुर की नैचुरल डेयरी का लाइसेंस निलंबित, FDA ने 42,880 रुपये का पनीर-घी नष्ट कराया

एफडीए की जांच में डेयरी को 94 में से सिर्फ 15 अंक मिले, खाद्य लाइसेंस तुरंत निलंबित।

वैजापुर की नैचुरल डेयरी का लाइसेंस निलंबित, FDA ने 42,880 रुपये का पनीर-घी नष्ट कराया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर में दूध से बने पदार्थ तैयार करने वाली नैचुरल डेयरी पर अन्न व औषध प्रशासन (एफडीए) ने कार्रवाई की है। जांच में डेयरी में खाद्य सुरक्षा के नियमों की जमकर अनदेखी होती पाई गई। इसके बाद डेयरी का खाद्य लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिया गया।

यह डेयरी यशवंत कॉलोनी, रामगिरी नगर (प्लॉट नंबर 1) में है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रज्ञा सुरसे की टीम ने 2 अक्टूबर को यहां अचानक छापा मारा। प्लांट की गंदगी और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए डेयरी को एफएसएसएआई के मानकों में 94 में से सिर्फ 15 अंक मिले।

जांच के दौरान टीम को प्लांट का फर्श कई जगह टूटा हुआ मिला। दरवाजे खुले थे और खिड़कियों पर कीड़ों को रोकने वाली जालियां नहीं थीं। प्लांट में जो पानी इस्तेमाल होता है, वह पीने लायक है या नहीं, इसकी मानक के हिसाब से टेस्ट रिपोर्ट भी मौजूद नहीं थी। डेयरी में आने वाले कच्चे दूध की शुरुआती जांच भी नहीं की जाती थी। दूध को 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर रखने के लिए न कोई व्यवस्था थी और न तापमान बताने वाला कोई उपकरण।

दूध में मिलावट की जांच के रिकॉर्ड भी नहीं मिले। दूध रखने के लिए स्टेनलेस स्टील की टंकियां होनी चाहिए थीं, लेकिन प्लास्टिक के कैन इस्तेमाल हो रहे थे। गंदे पानी के शोधन का प्लांट चालू नहीं था, उपकरणों की सफाई के रिकॉर्ड नहीं थे और कीट नियंत्रण भी ठीक से नहीं हो रहा था।

दूध संभालने वाले कर्मचारियों के पास एप्रन, दस्ताने और सिर की टोपी नहीं थी। निजी साफ-सफाई की इस कमी के साथ यह भी सामने आया कि कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा का जरूरी प्रशिक्षण नहीं दिया गया था।

कार्रवाई में 59 किलो पनीर (18,880 रुपये), 11 किलो क्रीम (4,400 रुपये) और 28 किलो घी (19,600 रुपये) जब्त किया गया। इस तरह कुल 42,880 रुपये का दूध से बना माल जब्त करके नष्ट कर दिया गया।

प्लांट की सफाई, पानी की क्वालिटी, कच्चे दूध की जांच, तापमान कंट्रोल, मिलावट जांच के रिकॉर्ड, दूध का भंडारण, ईटीपी, कीट नियंत्रण और कर्मचारियों की निजी सफाई जैसी कई बुनियादी बातों में कमियां मिलीं। इसी वजह से डेयरी को 'नॉन-कम्प्लायन्स' ठहराया गया।

संयुक्त आयुक्त श्रीकांत करकळे ने साफ किया कि खाद्य सुरक्षा के नियमों को नजरअंदाज करने वाले दूध कारोबारियों पर प्रशासन की आगे भी कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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