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09:56 IST

ट्रम्प ने रूसी तेल खरीदने वालों पर 100% शुल्क फिलहाल रोका, भारत-चीन को राहत की उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कार्यकारी आदेश से रूस और ईरान से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ की कार्रवाई को अस्थायी तौर पर रोक दिया।

ट्रम्प ने रूसी तेल खरीदने वालों पर 100% शुल्क फिलहाल रोका, भारत-चीन को राहत की उम्मीद तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस और इराण से सबसे ज्यादा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का फैसला किया था। अब खबर आई है कि इस फैसले को फिलहाल रोक दिया गया है। शुक्रवार को ट्रम्प ने एक कार्यकारी आदेश के जरिए यह बात साफ की।

आदेश में कहा गया है कि कई प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों से छूट दी जा रही है, जिनके लागू होने की आखिरी तारीख करीब आ गई थी। उम्मीद की जा रही है कि इससे भारत और चीन जैसे देशों को राहत मिलेगी, जो अपनी ऊर्जा की जरूरत पूरी करने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदते हैं।

यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन युद्ध का हल निकालने की अपनी रणनीति पर बात कर रहा है। ट्रम्प के इस कदम से रूस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ अमेरिका की व्यापारिक कार्रवाई को लेकर नई स्थिति बन गई है।

पूरा मामला क्या है, यह भी समझ लीजिए। सितंबर 2026 के बीच में ट्रम्प ने "लिंडसे ओ. ग्रॅहम सँक्शनिंग रशिया अँड इराण ॲक्ट ऑफ 2026" पर दस्तखत किए थे। इसके बाद भारत समेत दुनिया के 5 देशों को बड़ा झटका लगा था। इस कानून के तहत रूस से तेल या गैस खरीदने वाले देशों पर सख्त आर्थिक कदम उठाना जरूरी कर दिया गया था।

प्रस्ताव के मुताबिक रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100% तक शुल्क लगना था। इतना ही नहीं, कानून लागू होने के बाद भी जो देश रूस से तेल या गैस खरीदते रहें, उन्हें निशाना बनाने का प्रावधान था। रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले देशों पर भी कार्रवाई की बात इसमें थी।

अब ट्रम्प ने इस कानून के तहत कुछ प्रतिबंध और शुल्क माफ करने का फैसला किया है। अमेरिकी कांग्रेस को भेजे एक प्रमाणपत्र में उन्होंने कहा है कि फिलहाल ये रियायतें देना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। कार्यकारी आदेश में भी उन्होंने कहा कि छूट इसी आधार पर दी गई है। हालांकि आदेश में इस फैसले की पूरी वजहें विस्तार से नहीं बताई गई हैं।

इससे साफ दिखता है कि रूस पर दबाव डालने के लिए प्रस्तावित शुल्क लागू करने के मामले में अमेरिकी प्रशासन अभी नरम रुख अपना रहा है। इससे पहले भारत समेत कई देशों ने रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े इस कानून के संभावित व्यापारिक असर पर चिंता जताई थी।

भारत और चीन रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदने वाले देशों में हैं। ऐसे में अगर अमेरिका भारतीय माल पर 100% तक अतिरिक्त शुल्क लगाता, तो भारतीय निर्यातकों पर इसका काफी असर पड़ सकता था। प्रस्तावित शुल्क अमेरिका के मौजूदा शुल्कों के ऊपर से लग सकता था। हालांकि इसका असल असर किस देश पर और किन खास उत्पादों पर होगा, इसी पर निर्भर करता।

रूसी तेल की खरीद पहले भी भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में तनाव की वजह बन चुकी है। 2025 में ट्रम्प प्रशासन ने रूस से भारत आने वाले कच्चे तेल पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया था। साथ में 25% का जवाबी शुल्क भी लगाया गया था। फरवरी 2026 में भारत-अमेरिका व्यापार ढांचे के तहत यह अतिरिक्त शुल्क हटा दिया गया और जवाबी शुल्क घटाकर 18% कर दिया गया।

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