ठाणे स्टेशन पर महाराष्ट्र की पहली प्रीपेड रिक्षा सेवा शुरू, अब किराए पर बहस नहीं होगी
ठाणे रेलवे स्टेशन इलाके में रिक्षा वालों और सवारियों के बीच किराए को लेकर होने वाली रोजाना की तकरार खत्म करने के मकसद से राज्य की पहली प्रीपेड रिक्षा सेवा शुरू की गई है।
ठाणे रेलवे स्टेशन के बाहर रोज लगने वाली रिक्षाओं की लाइन, किराए पर होने वाली घासाघासी और सवारी-चालक के बीच के आम झगड़ों को हमेशा के लिए खत्म करने की दिशा में एक अच्छा कदम उठाया गया है। अब ठाणे शहर में रिक्षा में बैठने से पहले ही सवारी को पूरे सफर का तय किराया पता चल जाएगा। राज्य में इस तरह की यह पहली प्रीपेड रिक्षा सेवा ठाणे रेलवे स्टेशन परिसर से आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। इस नई सुविधा से ठाणेकरों का सफर पहले से ज्यादा आसान, सुरक्षित और पारदर्शक होने वाला है।
यह पायलट प्रोजेक्ट स्व. वसंतराव डावखरे रिक्षा-टैक्सी चालक-मालक महासंघ और ठाणे रीजनल परिवहन विभाग ने मिलकर शुरू किया है। भाजप प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के जन्मदिन के मौके पर इस खास प्रीपेड रिक्षा स्टैंड और कंट्रोल रूम का लोकार्पण किया गया। कोकण ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के विधायक एडवोकेट निरंजन डावखरे की पिछले करीब डेढ़-दो साल की लगातार कोशिशों के बाद यह योजना असल में जमीन पर उतर पाई है।
उद्घाटन समारोह में विधायक संजय केळकर, परिवहन विभाग के सीनियर अधिकारी और रिक्षा यूनियन के अध्यक्ष मारुती सावंत मौजूद रहे, साथ ही सैकड़ों रिक्षा चालक भी वहां पहुंचे थे। विधायक एडवोकेट निरंजन डावखरे ने साफ किया कि इस पहल के पीछे मकसद यही है कि सवारियों का सफर पहले से ज्यादा आसान, सुरक्षित और पारदर्शक बने, और रिक्षा चालकों को भी एक अनुशासित, इज्जतदार और व्यवस्थित तरीके से काम करने का माहौल मिले। उनके मुताबिक प्रीपेड रिक्षा सेवा के जरिए सवारी को सफर शुरू होने से पहले ही तय किराए की जानकारी मिल जाएगी, जिससे किराए को लेकर जो अनिश्चितता रहती थी वो दूर होगी और सेवा और ज्यादा पारदर्शक बनेगी। साथ ही रिक्षा चालकों के लिए भी एक अनुशासित कार्यप्रणाली बनेगी, जिससे सवारी और चालक दोनों को ज्यादा सुव्यवस्थित सेवा मिलने में मदद मिलेगी।
महाराष्ट्र में अपनी तरह की पहली इस प्रीपेड रिक्षा व्यवस्था से ठाणे रेलवे स्टेशन पर आने वाली सवारियों को तय किराया, पारदर्शकता, सुरक्षा और ज्यादा सुव्यवस्थित सफर की सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही रिक्षा चालकों की मेहनत की कमाई का हिसाब-किताब भी ज्यादा अनुशासित और सुरक्षित तरीके से हो सकेगा।
पूरी सेवा का प्लानिंग और मैनेजमेंट 'सिटीफ्लो' के जरिए किया जाएगा। टेक्नोलॉजी के असरदार इस्तेमाल से सवारी और रिक्षा चालक दोनों को ज्यादा कार्यक्षम, सुव्यवस्थित और पारदर्शक सेवा देने की कोशिश की जाएगी। स्टेशन पर आने वाली सवारियों की रजिस्ट्रेशन, उनकी मंजिल के हिसाब से तय किराया वसूलना और डिजिटल पेमेंट की सुविधा कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगी।