चंद्रपुर के ताडाळी वर्कशॉप में करंट से 21 साल के युवक की मौत, परिवार को 14 लाख की मदद
ताडाळी के केतन हुंडाई वर्कशॉप में करंट लगने से 21 साल के सारंग उर्फ मोहन कोयचाडे की मौत हो गई। उनके साथी शुभम उमाटे जख्मी हैं।
चंद्रपुर के ताडाळी में स्थित केतन हुंडाई वर्कशॉप में आज सुबह करंट लगने से 21 साल के एक युवक की जान चली गई। उनका साथी इस हादसे में जख्मी हुआ है। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
मृतक का नाम सारंग उर्फ मोहन कोयचाडे है और वे मोरवा के रहने वाले थे। उम्र 21 साल थी। जख्मी साथी का नाम शुभम उमाटे है, उनकी उम्र 29 साल है। शुभम का इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक मोहन कोयचाडे और शुभम उमाटे दोनों इसी वर्कशॉप में डेंटिंग और पेंटिंग का काम करते हैं। आज सुबह दोनों रोज की तरह काम पर पहुंचे थे। उन्हें कुछ जलने की या अलग तरह की बू आ रही थी, इसलिए वे टिन के शेड पर चढ़कर देखने गए।
वर्कशॉप के पास एक पेड़ था। उस पेड़ में एक जिंदा बिजली के तार से करंट फैला हुआ था। मोहन का हाथ अनजाने में इस पेड़ से छू गया और उन्हें तेज झटका लगा।
साथ में मौजूद शुभम उमाटे ने मोहन को करंट से बचाने की कोशिश की। इसी कोशिश में उन्हें भी बिजली का जोरदार झटका लग गया। किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया और फौरन इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही मोहन कोयचाडे ने दम तोड़ दिया।
मोहन अपने मां-बाप के इकलौते बेटे थे। परिवार का सहारा छिन जाने से कोयचाडे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
मोहन की मौत के बाद नागरिकों ने केतन ह्युंडाई कंपनी से आर्थिक मदद की मांग की। गांव के लोग, रिश्तेदार और कामगार अस्पताल परिसर में जमा हो गए। तनाव बढ़ता देख रामनगर पुलिस और दंगा नियंत्रण पथक मौके पर पहुंचा। उपविभागीय पुलिस अधिकारी कुमार सुशांत और पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके ने हालात को काबू में किया।
गांव वालों ने चेतावनी दी थी कि अगर आर्थिक मदद नहीं मिली तो वे मृतदेह कंपनी के गेट पर रख देंगे। करीब ढाई घंटे के बाद तय हुआ कि मोहन के परिवार को 14 लाख की आर्थिक मदद दी जाएगी और उनके पिता को नौकरी दी जाएगी। इसके बाद नागरिकों ने मृतदेह अपने कब्जे में लिया।