ठाणे के चेना जंगल में शिकार के दौरान साथी को लगी गोली, मौत; डॉक्टर समेत छह गिरफ्तार
घोडबंदर के पास चेना जंगल में अवैध शिकार पर गए गुट में गलतफहमी से गोली चली। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के सफाई कर्मचारी की मौत हुई, पुलिस ने डॉक्टर समेत छह को गिरफ्तार किया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
ठाणे में घोडबंदर के पास चेना जंगल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अवैध शिकार के लिए जंगल गए एक गुट में गलतफहमी की वजह से गोली चली और गुट के ही एक साथी की जान चली गई। इस मामले में पुलिस ने एक डॉक्टर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
मृतक का नाम विजय सुखरू सापटे है। वे मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में सफाई कर्मचारी थे। जानकारी के मुताबिक अंधेरे में एक बैटरी की रोशनी चमकी तो एक व्यक्ति ने उसे किसी जानवर की चमकती आंखें समझ लिया। उसने बिना जांचे-परखे बंदूक का ट्रिगर दबा दिया और गोली सीधे सापटे की छाती में लगी। वे वहीं गिर पड़े और उनकी जगह पर ही मौत हो गई।
घटना 19 अक्टूबर की रात की है। कुछ लोग अवैध तरीके से शिकार करने के लिए संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के चेना बीट में गए थे। उनके पास बंदूकें, छर्रे और जंगल में रास्ता देखने के लिए बैटरियां थीं। जंगल पहुंचने के बाद यह समूह दो गुटों में बंट गया। इसी दौरान एक गुट की बैटरी की रोशनी दूसरे गुट पर पड़ी और वही रोशनी जानवर की आंखें समझ ली गई।
बताया गया है कि गोलीबारी के वक्त सापटे का अल्पवयीन बेटा भी मौके पर मौजूद था। इस गोलीबारी में कल्पेश ढंगाळा और कुणाल शेलार नाम के दो और लोग जख्मी हुए। उन्हें इलाज के लिए काशिमीरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जब साथियों को पता चला कि गुट के ही आदमी की मौत हो गई है, तो वे घबरा गए। जांच में सामने आया है कि पुलिस को खबर देने पर मुसीबत में पड़ने के डर से उन्होंने सापटे की लाश को खुद ही ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस को कुछ बताए बिना उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि यह दिखाने के लिए कि सापटे की मौत हार्ट अटैक से हुई, एक फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट भी हासिल किया गया। तफ्तीश में यह बात सामने आई है।
स्थानीय काशिमीरा पुलिस और वन विभाग की टीम ने मिलकर इस घटना का पर्दाफाश किया। फर्जी सर्टिफिकेट देने वाले डॉक्टर राजेश पालांडे समेत कुल छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस की जांच अभी जारी है। वह पता लगा रही है कि गोलीबारी में इस्तेमाल हुआ अवैध हथियार आखिर किसका था, गोली ठीक-ठीक किसने चलाई और शिकार पर गए इस गुट के बाकी लोगों की क्या भूमिका थी।
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