टाटा मोटर्स की तैयारी: 2028 से हर महीने 1 लाख कार बनाने का लक्ष्य, नई SUV और EV आएंगी
टाटा मोटर्स अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को बढ़ाने की तैयारी में है। आर्थिक वर्ष 2031 तक कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 30% से ज्यादा करने का लक्ष्य है।
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टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को बड़ा करने की बड़ी तैयारी शुरू की है। बताया जा रहा है कि कंपनी का लक्ष्य आर्थिक वर्ष 2028 से हर महीने 1 लाख कार बनाने का है। इससे कंपनी की सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। नई जनरेशन की नेक्सॉन से लेकर अविन्या और सफारी EV तक कई मॉडल कंपनी के आगे के प्लान का हिस्सा हो सकते हैं।
टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने जनवरी 2024 में साणंद के पुराने फोर्ड प्लांट में प्रोडक्शन शुरू किया था। आगे के मॉडलों के लिए इस प्लांट को तैयार करने में करीब 12 महीने लगे और जरूरी बदलाव किए गए। इसके अलावा पुणे के पास रांजणगाव प्लांट की अहमियत भी बढ़ रही है। स्टेलांटिस के साथ सहयोग के तहत यहां टाटा के सिएरा पर आधारित आर्किटेक्चर पर बनने वाली J1J नाम की नई जीप SUV प्रोजेक्ट की तैयारी होने की संभावना है। इसमें पेट्रोल और इलेक्ट्रिक वर्जन के साथ विदेशी मार्केट के लिए लेफ्ट-हैंड ड्राइव मॉडल पर भी विचार हो रहा है।
कंपनी के आने वाले मॉडलों में नेक्सॉन की अगली जनरेशन खास चर्चा में है। 'गरुड' नाम से अंदर जानी जाने वाली इस SUV में ज्यादा चौकोर बॉडी, सपाट रूफलाइन और अलग डिजाइन का पिछला हिस्सा दिख सकता है। नई टचस्क्रीन, अपडेटेड क्लाइमेट कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे बदलाव भी उम्मीद में हैं। लेकिन इन फीचर्स की आखिरी जानकारी कंपनी की तरफ से जाहिर नहीं की गई है।
टाटा की प्रीमियम अविन्या रेंज भी डेवलपमेंट के दौर में है। अविन्या X इस फैमिली का पहला प्रोडक्शन मॉडल हो सकता है। साथ ही 7-सीटर सफारी EV कंपनी के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो को मजबूती दे सकती है। इस SUV में सिंगल-मोटर रियर-व्हील ड्राइव और डुअल-मोटर ऑल-व्हील ड्राइव के ऑप्शन मिलने की बात कही जा रही है। अगली जनरेशन की हैरियर और सफारी पर भी काम चल रहा है।
टाटा मोटर्स दशक के आखिर तक पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो में करीब 15 मॉडल लाना चाहती है। इसके लिए 6 नए नेमप्लेट और 20 से ज्यादा मॉडल अपडेट की योजना बताई जाती है। आर्थिक वर्ष 2031 तक कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 30% से ज्यादा करने का लक्ष्य है। आर्थिक वर्ष 2027 से 2031 के बीच कंपनी करीब 37,500 करोड़ से 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है और सालाना बिक्री को 12 लाख से ऊपर ले जाने की कोशिश है।
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