तकनीक तबाही के लिए नहीं, जीवों की मदद के लिए हो: अतिरिक्त सचिव आनंदराव पाटील
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सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और आईआईआईटी इलाहाबाद की पांचवीं अंतरराष्ट्रीय परिषद का उद्घाटन हुआ।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव आनंदराव पाटील ने नौजवानों से कहा है कि वे अपने ज्ञान और रिसर्च से निकली तकनीक को देश के निर्माण के काम में लगाएं। उन्होंने कहा कि देश भर में सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और आईआईआईटी जैसे कई संस्थान काम कर रहे हैं, जिनके पास ज्ञान, रिसर्च और नैतिक मूल्यों की लंबी परंपरा है। इन संस्थानों से मिलने वाले ज्ञान का फायदा राष्ट्र की रचनात्मक उभार के लिए होना चाहिए।
पाटील पांचवीं सीवीएमआई-2026 अंतरराष्ट्रीय परिषद के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। यह परिषद 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक चली। इसे सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और आईआईआईटी, इलाहाबाद यानी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने मिलकर कराया। आईईईई पुणे और उत्तर प्रदेश के पुणे विभाग का भी खास सहयोग रहा।
पाटील ने कहा कि तकनीक की रफ्तार इतनी तेज है कि आने वाले साल में तकनीक में और हमारी जिंदगी में कौन से बदल होंगे, यह आज पक्के तौर पर कोई नहीं बता सकता। लेकिन इस तकनीक का इस्तेमाल न्यायपूर्ण तरीके से करना वक्त की जरूरत है। उनके मुताबिक तकनीक का इस्तेमाल इंसानियत की तबाही के लिए नहीं, बल्कि जीवों की मदद के लिए करना जरूरी है।
प्रोफेसर भीम सिंह ने इस मौके पर कहा कि अगर तकनीक के जरिए चीजों के दाम आम आदमी की पहुंच में लाए जाएं, तो असली मायने में विकास होगा। विनायक पै ने जोर दिया कि तकनीक को सिर्फ चमक-दमक वाले उद्योग जगत में लागू करके न छोड़ा जाए। उसे खेती जैसे बिल्कुल बुनियादी क्षेत्रों में भी उतारने की जरूरत है।
प्रोफेसर श्रीनिवास सिंह ने उम्मीद जताई कि लोग तकनीक पर पूरी तरह निर्भर न रहें और उसे अपने मददगार की तरह इस्तेमाल करें। कुलगुरु प्रोफेसर सुनील भिरुड ने बताया कि इस परिषद के लिए देश भर से एक हजार शोधपत्र आए थे। इनमें से करीब सौ शोधपत्र चुने गए।
कार्यक्रम में सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के संचालक मंडल के अध्यक्ष विनायक पै मौजूद थे। प्रयागराज के आईआईआईटीए यानी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के संचालक मंडल के अध्यक्ष प्रोफेसर भीम सिंह, सीओईपी के कुलगुरु प्रोफेसर सुनील भिरुड और प्रयागराज के आईआईआईटीए के संचालक प्रोफेसर मुकुल एस. सुतावणे भी आए थे। ग्वालियर के एबीवी, यानी अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी और प्रबंधन संस्थान के संचालक प्रोफेसर श्रीनिवास सिंह भी मंच पर थे।
प्रोफेसर मुकुल एस. सुतावणे ने सबका स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन युगा कदम और प्रियांका मराठे ने किया। आखिर में सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के रील विभाग के संचालक डॉ. श्रीनिवास पी. महाजन ने सबका आभार माना।
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