नर्सिंग कोर्स में दाखिले की आखिरी तारीख 15 नवंबर तक बढ़ी, खाली सीटों पर काउंसिल का कदम
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भारतीय नर्सिंग काउंसिल ने ANM, GNM, BSc Nursing और MSc Nursing में दाखिले की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी है।
नागपुर के नर्सिंग कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली पड़ी हैं। इसी को देखते हुए भारतीय नर्सिंग काउंसिल (INC) ने नर्सिंग कोर्स में दाखिले की पात्रता की शर्तें एक बार फिर ढीली करने का फैसला किया है।
काउंसिल ने एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग समेत सभी कोर्स में दाखिले की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी है। जो विद्यार्थी अब तक दाखिला नहीं ले पाए थे, उन्हें इससे एक और मौका मिल जाएगा।
नई शर्तों के तहत न्यूनतम पर्सेंटाइल कितना रहेगा, यह अभी साफ नहीं किया गया है। इससे पहले 16 अक्टूबर को सामान्य वर्ग के लिए यह पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 40 किया गया था। दिव्यांगों के लिए 35 और आरक्षित वर्ग के लिए 30 पर्सेंटाइल तय हुआ था। अब माना जा रहा है कि इसे और नीचे लाया जा सकता है।
दाखिले की तारीख बढ़ने से बैच का इंतजाम भी बदलेगा। जो विद्यार्थी 31 अक्टूबर तक दाखिला ले चुके हैं, उन्हें नियमित बैच में रखा जाएगा। वहीं 1 से 15 नवंबर के बीच दाखिला लेने वालों के लिए अलग बैच बनाया जाएगा। दोनों बैच की परीक्षाएं भी अलग-अलग होंगी। यह इंतजाम बीएससी नर्सिंग समेत इन सभी कोर्स पर लागू होगा।
काउंसिल ने यह भी साफ कर दिया है कि कोई भी कॉलेज अपनी मंजूर की गई दाखिला क्षमता से ज्यादा विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दे सकेगा। 15 नवंबर के बाद दाखिले की तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। जो संस्थान और उनका मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि काउंसिल के इस कदम से उन हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो न्यूनतम पर्सेंटाइल की अड़चन या दूसरी वजहों से अब तक दाखिला नहीं ले सके थे। उनके मुताबिक इससे कॉलेजों में खाली पड़ी सीटें भरने में भी मदद मिलेगी।
दूसरी तरफ शिक्षाविदों का कहना है कि दोनों बैचों की कक्षाएं और परीक्षाएं अलग-अलग कराने से शैक्षणिक सत्र के मैनेजमेंट और मूल्यांकन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में संस्थानों को इसके लिए खास प्रशासनिक तैयारियां करनी होंगी।
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