सुबोध भावे का सियासी लुक आया सामने, 'महाराष्ट्र एपस्टीन फाइल्स' का तीसरा टीज़र रिलीज़
मराठी फिल्म 'महाराष्ट्र एपस्टीन फाइल्स' का तीसरा टीज़र आ गया है। सुबोध भावे एक दमदार राजनीतिक नेता के किरदार में दिखेंगे और फिल्म 20 नवंबर 2026 को रिलीज़ होगी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नाशिक के अशोक खरात मामले के बाद पूरे राज्य में ढोंगी बाबाओं, महिलाओं के शोषण और राजनीतिक रिश्तों को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। इसी माहौल में अब 'महाराष्ट्र एपस्टीन फाइल्स' नाम की फिल्म सुर्खियों में आ गई है। फिल्म का तीसरा टीज़र रिलीज़ हो गया है और उसके साथ अभिनेता सुबोध भावे का एक अहम राजनीतिक किरदार वाला लुक भी सामने आया है।
टीज़र और पोस्टर से इशारा मिल रहा है कि फिल्म में सत्ता के गलत इस्तेमाल, अपराध के जाल और इंसाफ के लिए लड़ाई की झलक देखने को मिलेगी। फिल्म 20 नवंबर 2026 को पूरे महाराष्ट्र में रिलीज़ होने जा रही है।
नए पोस्टर में सुबोध भावे एक भारी-भरकम राजनीतिक नेता के रूप में नज़र आ रहे हैं। उन्होंने सफेद झक कुर्ता और काले रंग की बंद गले की जैकेट पहनी है, चेहरे पर गंभीर भाव हैं। इस लुक से उनके किरदार का असर साफ महसूस होता है और फिल्म के राजनीतिक टकराव को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है।
सुबोध भावे के किरदार का एक डायलॉग भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। वे कहते हैं, 'मंत्री हो या विधायक... जो कोई भी दोषी होगा, उसे कानून के दायरे में आना ही पड़ेगा। उसे बख्शा नहीं जाएगा...' इस संवाद से लगता है कि कहानी का बड़ा हिस्सा सत्ता के दबाव में सच को दबाने की कोशिश और गुनहगारों को कानून के सामने लाने की जद्दोजहद पर टिका होगा।
फिल्म में राजनीतिक और सामाजिक दुनिया की कथित विवादित घटनाओं की पृष्ठभूमि पर रहस्य और थ्रिल का ताना-बाना बुना गया है। अपराधों की जांच करने वाली मशीनरी, सत्ता के दम पर सच दबाने की कोशिशें और इंसाफ की लड़ाई, ये सब फिल्म में देखने को मिलेगा।
टीज़र में जांच के बोर्ड, घटनास्थल के आसपास लगी पुलिस की पीली पट्टियां, पत्रकारों के सवाल और अलग-अलग किरदारों के चेहरों पर डर और शक दिखाई देता है। इन सबसे फिल्म का रहस्यमयी माहौल और गहरा हो जाता है। अब सबको जानना है कि सुबोध भावे के किरदार के पीछे आखिर कौन सा राजनीतिक राज़ छिपा है।
सुबोध भावे के साथ फिल्म में दीपाली सय्यद, उदय टिकेकर और अक्षय टंकसाळे की भी अहम भूमिकाएं हैं। अलग-अलग किरदारों के ज़रिए राजनीति, समाजकार्य और अपराध की दुनिया की उलझी हुई परतें खोलने की कोशिश की गई है।
फिल्म की कहानी, पटकथा और संवाद संजय नवगिरे ने लिखे हैं, जबकि इसकी संकल्पना सागरकुमार एस. जैन की है। निर्देशन की ज़िम्मेदारी स्वरूप सावंत ने संभाली है। सिनेमैटोग्राफी आकाश काकडे की है और कला निर्देशन अक्षय आंबेकर ने किया है।
आनंदी पिक्चर्स अमरावती और सचिन रोडे पाटील की पेशकश यह फिल्म मातोश्री एन्टरटेन्मेंट वर्ल्ड के बैनर तले बनी है। देवेंद्र भट, सूर्यकांत भुंडे और प्रशांत कदमपुरे फिल्म के निर्माता हैं। प्रोडक्शन मैनेजमेंट में नेहा घोडके, सचिन घनवट और यश सणस के साथ दूसरे तकनीशियनों ने भी योगदान दिया है।
तीसरे टीज़र में सामने आया सुबोध भावे का राजनीतिक लुक और फिल्म का रहस्यमयी माहौल, दोनों ने मिलकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। 20 नवंबर 2026 को यह फिल्म पूरे महाराष्ट्र के सिनेमाघरों में पहुंचेगी।
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