स्कूल में वड़ा पाव स्टॉल खोलने की बच्चे की मांग पर तुकाराम मुंढे ने दी यह सलाह
एक स्कूली बच्चे ने महाराष्ट्र के एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे से स्कूल में वड़ा पाव स्टॉल दोबारा शुरू करने को कहा। मुंढे ने उसे पौष्टिक खाने की सलाह दी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक स्कूली बच्चे और महाराष्ट्र के अन्न और औषध प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्चा सीधे मुंढे से स्कूल में वड़ा पाव स्टॉल फिर से शुरू करने की मांग करता दिखता है। इस पर मुंढे ने जो सलाह दी, वह अब चर्चा में है।
वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक, बच्चा एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के सामने आता है और स्कूल के परिसर में पहले चलने वाला वड़ा पाव स्टॉल दोबारा शुरू करने की बात रखता है। वह बताता है कि उसके स्कूल के सारे बच्चे और उसके दोस्त भी यही मांग कर रहे हैं। इसके बाद वह बड़ी मासूमियत से पूछता है कि ऐसे में एफडीए आयुक्त क्या कहेंगे।
बच्चे का सवाल सुनकर मुंढे नाराज़ नहीं हुए। वीडियो में वे चेहरे पर मुस्कान के साथ बड़े प्यार से उसे समझाते दिखते हैं। बच्चे को प्रेरित करते हुए वे कहते हैं कि बच्चों को हमेशा पौष्टिक और सेहतमंद खाना खाना चाहिए। अच्छा और हेल्दी खाना खाने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ और तरोताज़ा रहते हैं।
मुंढे ने बच्चे से यह भी कहा कि तेल वाली और ज़्यादा फैट वाली चीज़ें खाने में भले ही स्वादिष्ट लगें, लेकिन सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह होती हैं। वड़ा पाव समेत दूसरे जंक फूड से सावधान करते हुए उन्होंने पौष्टिक खाने को तरजीह देने को कहा।
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @indraneilmanaspure (इंद्रनील अनासपुरे) नाम के यूज़र ने शेयर किया है। कुछ ही घंटों में इसे एक लाख से ज़्यादा व्यूज़ और हज़ारों लाइक्स मिल चुके हैं। सोशल मीडिया यूज़र्स मुंढे के सरल, प्यार भरे और समझदारी वाले अंदाज़ की खूब तारीफ़ कर रहे हैं। बच्चों की सेहत का ख्याल रखते हुए जिस मीठे ढंग से उन्होंने बात समझाई, उसकी हर तरफ़ सराहना हो रही है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र एफडीए ने स्कूली बच्चों की सेहत को गंभीरता से लेते हुए एक सख्त नियम लागू किया था। इस नियम के तहत राज्य के सभी स्कूलों के परिसर से 50 मीटर के दायरे में जंक फूड, वड़ा पाव, समोसे, डीप फ्राइड चीज़ें, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक, सॉफ्ट ड्रिंक, चॉकलेट और आइसक्रीम की बिक्री, मुफ्त बंटवारे और विज्ञापन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
नियम तोड़ने वाले कैंटीन चलाने वालों और दुकानदारों पर लाइसेंस रद्द करने तक की सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।