शेफाली वर्मा बोलीं, पिछले मैच में आउट होने के बाद रातभर नींद नहीं आई
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे T20 में 25 गेंदों पर 55 रन बनाने वाली शेफाली वर्मा ने पहले मैच की निराशा और अपनी तैयारी के बारे में बताया।
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई बनी उपकप्तान शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे T20 मैच में तूफानी बल्लेबाजी की और भारत की जीत में बड़ा रोल निभाया। उन्होंने सिर्फ 25 गेंदों में 4 छक्कों और 6 चौकों की मदद से 55 रन बनाए। इस शानदार खेल के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया। लेकिन इस पारी के पीछे पहले मैच की निराशा और उससे उबरने की कोशिशों की कहानी है।
पहले T20 में शेफाली ऑफ स्पिनर न्याशा ग्वांझुरा की गेंद पर सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गई थीं। गेंदबाज ने खुद ही कैच पकड़कर उन्हें पवेलियन भेजा था। इस तरह आउट होने का अफसोस शेफाली को इतना था कि उस रात उन्हें नींद ही नहीं आई।
दूसरे मैच में जीत के बाद शेफाली ने अपने मन की बात रखी। उन्होंने कहा, पिछले मैच में मैं जिस तरह आउट हुई, उसके बाद मुझे रातभर नींद नहीं आई। फिर भी मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। अगले दिन मुझे क्या करना है, इस पर सोचा और उसे मैदान पर उतारने पर ध्यान लगाया।
उसी गेंदबाज के खिलाफ शेफाली ने जोरदार पलटवार किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने पहले ही ओवर में न्याशा ग्वांझुरा पर चौका और छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 104 रन का लक्ष्य महज 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया और सीरीज में जीत की बढ़त बना ली।
स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी रणनीति पर बात करते हुए शेफाली ने अपनी बल्लेबाजी में आए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब वे थोड़ा झुककर खेलने और गेंद पर सही टाइमिंग बनाने को तरजीह देती हैं। अगर चौके-छक्के नहीं लग रहे हों, तो वे सिंगल रन लेकर स्कोरबोर्ड चलता रखने की कोशिश करती हैं। उनका जोर अपनी योजनाएं सीधी-सादी रखने और उन्हें मैदान पर उतारने पर है।
शेफाली को 2025 में भारतीय महिला वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था। उस दौरान उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की कमियां ढूंढीं और उन पर काम किया। खासकर इस पर ध्यान दिया कि लगातार रन कैसे बनाए जाएं।
इस बारे में शेफाली ने कहा, 2025 में जब मैं घर पर थी, तब मैंने सोचा कि मेरे खेल में क्या-क्या सुधारा जा सकता है। सबसे पहले मेरे मन में लगातार रन बनाने की बात आई। टीम के लिए लगातार रन बनाना बहुत जरूरी है। मैंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के खेल का विश्लेषण किया और समझने की कोशिश की कि वे कैसे बल्लेबाजी करती हैं। अब मेरी कोशिश है कि टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाकर जीत दिलाऊं।
इस पारी से शेफाली का आत्मविश्वास फिर ऊपर गया है और भारतीय टीम के लिए लगातार योगदान देने का उनका इरादा भी साफ दिखाई देता है।