मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:02 IST

पुष्य नक्षत्र 5 अक्टूबर को, सोमवार के योग से बनेगा सोम पुष्य नक्षत्र, जानें शुभ उपाय

5 अक्टूबर को सोमवार के दिन पड़ने वाले पुष्य नक्षत्र को धन, समृद्धि और नए काम शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है, इस दिन क्या करें जानिए।

पुष्य नक्षत्र 5 अक्टूबर को, सोमवार के योग से बनेगा सोम पुष्य नक्षत्र, जानें शुभ उपाय
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ और पवित्र नक्षत्रों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस नक्षत्र का सीधा संबंध समृद्धि, सौभाग्य और तरक्की से जोड़ा जाता है। यही वजह है कि इस दौरान कई जगह खरीदारी करना, पैसा लगाना, नया कारोबार शुरू करना या कोई भी बड़ा काम शुरू करना आम रिवाज माना जाता है। इस बार पुष्य नक्षत्र 5 अक्टूबर सोमवार के दिन पड़ रहा है। चूंकि यह सोमवार को आ रहा है, इसलिए इसे सोम पुष्य नक्षत्र कहा जाएगा।

द्रिक पंचांग के हिसाब से पुष्य नक्षत्र 5 अक्टूबर की रात करीब 11:09 बजे तक रहेगा। मतलब यह कि पूरे दिन का ज्यादातर हिस्सा इसी नक्षत्र के असर में रहने वाला है। आखिर ज्योतिष में इसे इतना खास दर्जा क्यों दिया जाता है, यह भी समझ लेते हैं।

ज्योतिष के मुताबिक पुष्य नक्षत्र को शुभ कामों के लिए बहुत अनुकूल माना जाता है। इसका नाता गुरु ग्रह से जोड़ा जाता है, जिसे ज्ञान, धर्म, विस्तार और समृद्धि का कारक माना जाता है। इसी वजह से पुष्य नक्षत्र को धन और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। कई धार्मिक परंपराओं में तो इसे नक्षत्रों का राजा तक कहा जाता है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में शुरू किया गया कोई भी काम लंबे समय तक टिकता है और उसमें स्थिरता बनी रहती है।

कई घरों में पुष्य नक्षत्र के दौरान सोना, चांदी, गहने, गाड़ी या घर की जरूरी चीजें खरीदने की परंपरा रही है। इसके अलावा नया बिजनेस शुरू करने, नई दुकान या ऑफिस खोलने और बड़ा निवेश करने के लिहाज से भी यह नक्षत्र शुभ गिना जाता है।

सोम पुष्य नक्षत्र के दिन सुबह नहाकर साफ कपड़े पहनने और अपने आराध्य देवता की पूजा करने की सलाह दी जाती है। सोमवार होने के चलते भगवान शिव की पूजा को भी खास माना गया है, अपनी श्रद्धा के मुताबिक शिवलिंग पर जल चढ़ाया जा सकता है और बाकी रीति रिवाज भी किए जा सकते हैं। जो लोग धन और समृद्धि की कामना रखते हैं, उन्हें देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करना चाहिए। घर में दीया जलाना और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करना भी इस धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है। इस दिन अपनी हैसियत के हिसाब से जरूरतमंदों को खाना, कपड़े या कुछ और दान करना भी शुभ बताया जाता है।

पुष्य नक्षत्र को स्थिर और शुभ कामों के लिए अनुकूल मानने के चलते ही लोग इस दिन सोना, चांदी, गहने, गाड़ी और घर के काम आने वाली दूसरी चीजें खरीदते हैं। कुछ लोग तो इसी दिन नया व्यापार शुरू करने या कारोबार से जुड़े जरूरी काम निपटाने की योजना भी बनाते हैं।

सोमवार और पुष्य नक्षत्र का यह मेल होने से 5 अक्टूबर को धार्मिक नजरिए से एक खास दिन माना जा रहा है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करना, देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करना और जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है।

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