संजय गांधी नेशनल पार्क में शिकार के दौरान गोलीबारी, सफाई कर्मचारी की मौत; डॉक्टर समेत 4 गिरफ्तार
संजय गांधी नेशनल पार्क में शिकार के दौरान गोलीबारी में सफाई कर्मचारी की मौत हुई। झूठे सर्टिफिकेट के आरोप में डॉक्टर समेत चार गिरफ्तार।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
संजय गांधी नेशनल पार्क के जंगल में रानडुकर यानी जंगली सूअर के शिकार के लिए गए एक गुट में गोलीबारी हुई। इस गोलीबारी में मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के सफाई कर्मचारी विजय सुखरू सापटे की मौत हो गई। उनकी उम्र 60 साल बताई गई है। घटना ठाणे के चेना बीट इलाके की है।
सोर्स के मुताबिक यह गोलीबारी चुकून हुई। इसमें दो और लोग जख्मी हुए हैं। उनके नाम कुणाल शेलार और कल्पेश धंगाळा हैं। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बताया गया है कि घटना की जानकारी पुलिस से छिपाई गई। गोलीबारी करने वाले आरोपियों ने सुबह-सुबह ही विजय सापटे की लाश का अंतिम संस्कार कर दिया। इसके लिए एक प्राइवेट डॉक्टर से दिल का दौरा पड़ने का झूठा मौत का सर्टिफिकेट भी बनवाया गया।
काशीगांव पुलिस ने पूरे मामले की जांच की है। झूठा सर्टिफिकेट देने वाले डॉक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लाश ठिकाने लगाने, सबूत मिटाने की कोशिश और हत्या की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार लोगों के नाम महेश गायकर, कातोड, बिस्तूर और लाभड सामने आए हैं।
डॉक्टर राजेश पालांडे ने वीडियो कॉल पर मृतक को देखकर सर्टिफिकेट दिया कि विजय सापटे की मौत घर पर दिल का दौरा पड़ने से हुई। जबकि उन्हें इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस स्टेशन को देनी चाहिए थी। ऐसा न करके सर्टिफिकेट दे दिया गया। पालांडे का भाईंदर में आशिष मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल है और वे होम्योपैथी में एम.डी. हैं।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार डॉक्टर राजेश पालांडे शिवसेना के शिंदे गुट में सक्रिय हैं। कहा जा रहा है कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक से उनके करीबी रिश्ते हैं। कुछ महीने पहले वे डॉक्टर असोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। बताया गया है कि इस नियुक्ति का सर्टिफिकेट खुद परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के हाथों दिया गया था।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गोलीबारी में हथियार किसने इस्तेमाल किया, हथियार किसका था और उसका लाइसेंस था या नहीं।
जानकारी के मुताबिक पार्क प्रशासन वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत अलग मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया करेगा। मीरा-भाईंदर क्राइम ब्रांच यूनिट-01 और काशीगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राहुलकुमार पाटील के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक सुहास कांबळे मामले की जांच कर रहे हैं।
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