संभाजीनगर में दिवाली के लिए 10 करोड़ रुपये के पटाखे पहुंचे, दाम 30-40 फीसदी चढ़े
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
छत्रपति संभाजीनगर के 12 पटाखा मार्केट में 218 स्टॉल सजे हैं। विक्रेताओं को लक्ष्मीपूजन और पड़वा के आसपास बड़ी बिक्री की उम्मीद है।
छत्रपति संभाजीनगर में दिवाली को अब गिनती के दिन बचे हैं और शहर के बाजारों में रौनक दिखने लगी है। दीयों के इस त्योहार में आतिशबाजी की परंपरा भी चलती आ रही है, इसलिए पटाखा बाजार तैयार हो चुका है। इस बार शहर के बाजार में करीब 10 करोड़ रुपये के पटाखे बिक्री के लिए पहुंचे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको लुभाने वाले अलग-अलग किस्म के पटाखे उपलब्ध हैं और विक्रेताओं ने ग्राहकों के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली है।
शहर के पटाखा बिक्री केंद्रों पर कई कंपनियों के और अलग-अलग दाम के पटाखे आए हैं। फुलझड़ियां, अनार, चक्री, भूचक्र, रॉकेट, लवंगी पटाखे और लक्ष्मी बम के साथ रंग-बिरंगी आतिशबाजी वाले पटाखों का आकर्षण इस बार भी बना हुआ है। बच्चों के लिए कम आवाज वाले और अच्छी रोशनी करने वाले पटाखे भी मिल रहे हैं। इसके अलावा तरह-तरह के पटाखों के कॉम्बो पैक ग्राहकों का ध्यान खींच रहे हैं।
न्यू महाराष्ट्र पटाखा मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल कुलकर्णी की जानकारी के मुताबिक शहर में कुल 12 पटाखा मार्केट हैं। इस साल इन मार्केट में 218 स्टॉल लगे हैं और इन दुकानों में करीब 10 करोड़ से ज्यादा का माल बिक्री के लिए आया है। कुलकर्णी के अनुसार स्टैंडर्ड कंपनियों के माल के दाम इस बार 30 से 40 फीसदी बढ़े हैं। टीवी सेंटर, अयोध्यानगरी और कलाग्राम तीन प्रमुख मार्केट हैं। इनके अलावा एमआईटी, चिकलठाणा, पडेगांव, छावनी और गजानन महाराज मंदिर समेत कुल 12 पटाखा मार्केट इस बार लगे हैं।
स्टॉल की संख्या देखें तो अयोध्यानगरी में 70, कलाग्राम में 50, टीवी सेंटर में 40, बीड बायपास में 20 और छावनी में 10 स्टॉल हैं। बाकी मार्केट मिलाकर कुल 218 दुकानें सजी हैं।
भारत माता पटाखा मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज गायके ने बताया कि पटाखों की आवक अभी जारी है। उनका अंदाजा है कि 5 तारीख तक करीब 8 से 10 करोड़ के पटाखे और शहर में बिक्री के लिए पहुंच जाएंगे। यह सारा माल शिवकाशी से आता है। गायके के मुताबिक मार्केट में दुकानें भी लग चुकी हैं।
पर्यावरण के अनुकूल पटाखों को भी पसंद किया जा रहा है। ध्वनि और वायु प्रदूषण को देखते हुए इस बार ग्राहकों में इसे लेकर जागरूकता बढ़ती दिख रही है। तुलनात्मक रूप से कम धुआं और कम आवाज करने वाले ग्रीन पटाखे कुछ ग्राहक पसंद कर रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावकों का झुकाव फुलझड़ियों, अनार और रोशनी करने वाले पटाखों की तरफ है।
दिवाली की खरीदारी जोर पकड़ रही है और विक्रेताओं को उम्मीद है कि पटाखा बाजार में भी भीड़ बढ़ेगी। खास तौर पर लक्ष्मीपूजन और पड़वे के आसपास बिक्री में बड़ी बढ़ोतरी का अंदाजा है। गायके ने कहा कि इस साल पटाखे 20 से 25 फीसदी महंगे हुए हैं, फिर भी शौकीन लोग खरीदारी करेंगे ही। उनके मुताबिक सूखे का असर शहरी इलाके में नहीं दिखता।
दीपावली का त्योहार वसुबारस से शुरू होता है और इस साल वसुबारस 5 नवंबर को है, यानी बस एक दिन बाकी है। कुलकर्णी ने बताया कि पटाखों की छिटपुट खरीदारी शुरू हो गई है, लेकिन 5 तारीख से खरीदारी की रफ्तार बढ़ेगी।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।