साबण चुनते वक्त इन गलतियों से त्वचा हो सकती है ड्राय और बेजान
गोदरेज कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स की आर एंड डी ग्लोबल हेड संदीप नाईक ने बताया कि साबण चुनते वक्त कौन सी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
साबण हर घर में रोज इस्तेमाल होने वाली चीज है, फिर भी लोग इसे चुनते वक्त ज्यादा ध्यान नहीं देते। ज्यादातर लोग यह सोचकर साबण खरीदते हैं कि सारे साबण एक जैसा ही काम करते हैं, इसलिए सुगंध, पुरानी आदत या जो भी दुकान में मिल जाए, उसी हिसाब से पसंद कर लेते हैं। लेकिन असल में त्वचा और सफाई की अलग अलग जरूरतों के लिए अलग अलग तरह के साबण बनाए जाते हैं। गोदरेज कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स में पर्सनल केयर प्रॉडक्ट्स की आर एंड डी ग्लोबल हेड संदीप नाईक ने इस बारे में जानकारी दी है।
पहली गलती यह है कि सारे साबण एक जैसे हैं, यह मान लेना। नाईक के मुताबिक सभी साबण त्वचा साफ करने के लिए बनते हैं, मगर मकसद अलग अलग होता है। ब्यूटी सोप त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए बनाए जाते हैं, इनमें अक्सर ग्लिसरीन, नैचुरल ऑयल और शिया बटर जैसे तत्व होते हैं जो त्वचा को मुलायम और नम रखने में मदद करते हैं। जैसे गोदरेज नंबर 1 साबण चंदन, हल्दी और नैचुरल तेलों पर आधारित है, इसमें चंदन त्वचा मुलायम करने और दाग हटाने के गुण के लिए और हल्दी उसके कीटाणुनाशक तथा त्वचा को पोषण देने वाले फायदों के लिए डाला जाता है, ताकि त्वचा मुलायम, चमकदार बने और आराम से साफ हो।
दूसरी तरफ हेल्थ सोप ऐसे बनाए जाते हैं जिनमें सफाई को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है। इनमें जीवाणुनाशक या कीटाणुनाशक तत्व हो सकते हैं, जो त्वचा पर मौजूद कीटाणु कम करते हैं और शरीर की बदबू पर काम करते हैं, इसलिए जब ज्यादा सफाई की जरूरत हो तब ये ठीक रहते हैं। सिन्थॉल ओरिजिनल इसका अच्छा उदाहरण है, इसमें जीवाणुनाशक तत्व होते हैं जो कीटाणुओं से बचाते हैं और डिओडोराइजर की तरह भी काम करते हैं। डॉक्टर मुंहासे, दाग और रैशेज जैसी त्वचा की दिक्कतों का खतरा कम करने के लिए इसकी सलाह देते हैं।
दूसरी गलती यह है कि हर हालात के लिए एक ही साबण चलेगा, यह सोचना। बहुत से लोगों को लगता है कि एक बार कोई साबण पसंद आ गया तो वही हमेशा इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन असल में लाइफस्टाइल और रोज की एक्टिविटी के हिसाब से त्वचा की जरूरत बदलती रहती है। रोज नहाने और त्वचा मुलायम रखने के लिए ब्यूटी सोप अच्छा रहता है, जबकि एक्सरसाइज, बाहर के काम या ट्रैवल के बाद, और गर्म-उमस भरे मौसम में, जब पसीना ज्यादा आता है और कीटाणुओं के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, तब हेल्थ सोप इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद रहता है।
तीसरी गलती है अपनी त्वचा का टाइप देखे बिना साबण चुनना। एक ही तरह का साबण हर किसी के लिए फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं। जिनकी त्वचा ड्राय या सेंसिटिव है उनके लिए नमी बनाए रखने वाले साबण फायदेमंद रहते हैं, जबकि शरीर की बदबू, मुंहासे या त्वचा की छोटी-मोटी दिक्कतों वाले लोगों के लिए खास गुणों वाले साबण उनकी रोज की सफाई में मदद कर सकते हैं।
चौथी गलती है साल भर एक ही तरह का साबण इस्तेमाल करते रहना। हर मौसम में त्वचा की हालत एक जैसी नहीं रहती, तो साबण भी हर मौसम में एक जैसा क्यों होना चाहिए। गर्मी या बरसात में पसीना और हवा में नमी बढ़ने की वजह से ज्यादातर लोग बेहतर सफाई देने वाले साबण पसंद करते हैं। इसके उलट ठंड या ड्राय मौसम में ऐसे साबण की जरूरत होती है जो त्वचा को नमी दें और त्वचा की नैचुरल सुरक्षा परत बनाए रखने में मदद करें।
कुल मिलाकर बात यह है कि साबण चुनना सिर्फ सबसे मशहूर ब्रांड या पैकेट पर लिखे सबसे बड़े दावे को देखकर करने वाला काम नहीं है। इसके बजाय अपनी त्वचा, अपनी लाइफस्टाइल और उस खास साबण को किस मकसद से बनाया गया है, यह समझना जरूरी है। जितनी सोच-समझकर यह चुनाव किया जाएगा, उतना ही रोज की सफाई का रूटीन त्वचा की सेहत और पर्सनल हाइजीन बनाए रखने में असरदार साबित होगा।