रुपया मजबूत हुआ, सर्राफा बाजार में लगातार दूसरे दिन सस्ता हुआ सोना और चांदी
रुपये की मजबूती से सोने और चांदी के दाम लगातार दूसरे दिन गिरे।
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देश के सर्राफा बाजार में आम खरीदारों के लिए राहत की खबर है। रुपये में लगातार आ रही मजबूती की वजह से सोने और चांदी के दाम लगातार दूसरे दिन नीचे आए हैं।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ (All India Bullion Association) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 400 रुपये गिरकर 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गया। इससे पहले सोमवार को बाजार बंद होते वक्त सोना 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।
सोने के पीछे चांदी में भी मंदी रही। चांदी 500 रुपये की गिरावट के साथ 2,26,000 रुपये प्रति किलो (टैक्स समेत) पर आ गई। सोमवार को चांदी 2,26,500 रुपये पर बंद हुई थी।
घरेलू बाजार में सोने और चांदी के दाम गिरने की मुख्य वजह भारतीय रुपये की मजबूती मानी जा रही है। मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में रुपये में अच्छी रिकवरी दिखी और वह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की जोरदार छलांग लगाकर 95.38 के स्तर पर बंद हुआ।
IBJA के मुताबिक सुबह का सोने का भाव इस तरह रहा: 24 कैरेट सोना 147617 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट 135217 रुपये प्रति 10 ग्राम, 18 कैरेट 110713 रुपये प्रति 10 ग्राम और 14 कैरेट 86356 रुपये प्रति 10 ग्राम। चांदी का भाव 219038 रुपये प्रति किलो रहा।
शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव मुंबई, पुणे, नाशिक, नागपुर, कोल्हापुर, जलगांव, सांगली और छत्रपति संभाजीनगर में 149290 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि ग्लोबल बाजार से कमजोर संकेत मिलने की वजह से सोमवार को घरेलू बाजार में सोने के दाम नरम रहे। रुपये की मजबूती से भी कीमती धातुओं पर कुछ दबाव बढ़ा। उन्होंने बताया कि फिजिकल सोने की मांग मिली-जुली रही। दाम बढ़ने के बाद घरेलू बाजार में सोने की खरीदारी कुछ धीमी पड़ी है, जबकि चीन में छुट्टियों की वजह से कम कारोबार के दौर के बाद अब मांग फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
लेमन ब्रोकरेज मंच के शोध प्रमुख गौरव गर्ग के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद भी ग्लोबल बाजार में सोना गिरकर करीब 4,179 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 18 महीने के उच्च स्तर के आसपास बना हुआ है, इसलिए कीमती धातुओं में इससे ज्यादा तेजी की गुंजाइश फिलहाल सीमित हो गई है।
रूस से ऊर्जा आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद में कच्चे तेल की कीमत घटी है और तात्कालिक आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई है। हालांकि पश्चिम एशिया में नए सिरे से बढ़े तनाव और समुद्री रास्तों के जोखिम की वजह से तेल के दामों में उतार-चढ़ाव अब भी जारी है।
इसके अलावा भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने घरेलू मुद्रा की ताकत बढ़ाने के लिए सप्ताह के आखिर में कुछ अहम कदम उठाए थे। इन उपायों के बाद सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 पैसे मजबूत होकर 95.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पिछले छह महीने से ज्यादा वक्त में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त रही।