सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
06:53 IST

रत्नागिरी के कार्यक्रम में प्रसाद ओक ने आनंद दिघे को काल्पनिक फोन लगाया, भर आईं आँखें

रत्नागिरी में एक कार्यक्रम के मंच से प्रसाद ओक ने आनंद दिघे को काल्पनिक फोन लगाकर मन की बातें कहीं। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

रत्नागिरी के कार्यक्रम में प्रसाद ओक ने आनंद दिघे को काल्पनिक फोन लगाया, भर आईं आँखें तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मराठी सिनेमा के चहेते अभिनेता प्रसाद ओक ने 'धर्मवीर' और 'धर्मवीर 2', दोनों फिल्मों में आनंद दिघे साहब का किरदार निभाया है। फिल्म लोगों को इतनी पसंद आई कि थिएटर हाउसफुल हुए। इस भूमिका के लिए प्रसाद को कई पुरस्कार भी मिले। लोग आज भी उन्हें दिघे साहब के नाम से ही पहचानते हैं।

अब रत्नागिरी में हुए एक कार्यक्रम में प्रसाद ओक ने ऐसा कुछ किया कि वहाँ मौजूद सबकी आँखें नम हो गईं। उन्होंने मंच से आनंद दिघे साहब को एक काल्पनिक फोन लगाया और दिल की सारी बातें कह डालीं।

मंच पर प्रसाद काफी भावुक थे। उन्होंने कहा, "दिघे साहब, जय महाराष्ट्र। मेरा दुर्भाग्य है कि मैंने आपको कभी सामने से नहीं देखा। कभी मिला नहीं। आपका साथ मुझे कभी नहीं मिला।" आगे उन्होंने कहा, "मैंने जिंदगी में दो बार आपका नाम सुना था और तभी समझ आ गया कि आपका नाम कितना बड़ा है।"

प्रसाद ने इन दो मौकों का जिक्र किया। उनके मुताबिक पहला मौका वह था, जब नथुराम गोडसे नाटक बंद पड़ गया था और दिघे साहब ने उसे फिर शुरू करवाया। दूसरा मौका यदा कदाचित नाटक का था, जो बंद हो गया था और उसे भी दिघे साहब ने ही शुरू किया। प्रसाद बोले, "तब मुझे समझ आया कि जब कला की बात आती है, तब आप पार्टी और राजनीति सब किनारे रखकर कलाकार के पीछे मजबूती से खड़े रहते हैं। यह बात मेरे मन को बहुत छू गई थी।"

प्रसाद ने यह भी कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वे दिघे साहब का किरदार निभाएँगे। लेकिन जब यह भूमिका मिली, तो दिघे साहब के शिष्य और कार्यकर्ता उनकी मदद के लिए आगे आए। जब लोगों को पता चला कि वे दिघे साहब की भूमिका कर रहे हैं, तो नांदेड, सोलापुर, कोल्हापुर और नासिक जैसी दूर-दूर की जगहों से लोग उनसे मिलने आते थे। वे दिघे साहब की यादें और किस्से सुनाते थे। प्रसाद के मुताबिक इसका फिल्म में उन्हें बहुत फायदा हुआ।

आखिर में प्रसाद बेहद भावुक होकर बोले, "आज धर्मवीर 1 और धर्मवीर 2, दोनों फिल्मों को जो कामयाबी मिली, मेरे काम की जो तारीफ हुई, वह सिर्फ आपके आशीर्वाद से है। दिघे साहब, आप हमारे पास हैं, इसीलिए मैं यह कर पाया। लेकिन इन सबसे आगे जाकर एक ही बात कहता हूँ साहब, आज महाराष्ट्र में जो हालात चल रहे हैं, वे आप होते तो 100 फीसदी नहीं होते। आप लौट आएँगे तभी महाराष्ट्र बचेगा। प्लीज वापस आइए।"

प्रसाद के ये शब्द सुनकर वहाँ मौजूद सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और कई की आँखों में पानी आ गया। उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि दिघे साहब की भूमिका के लिए प्रसाद ओक के सिवा कोई और हो ही नहीं सकता।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे