रात में सोते वक्त पंखे की स्पीड कितनी रखें, सलाह: आराम के हिसाब से धीमी या मध्यम
गर्मी के दिनों में पंखे के बिना नींद मुश्किल होती है। सोते समय पंखे की स्पीड कमरे और शरीर के आराम पर निर्भर बताई गई है।
गर्मी के दिनों में पंखे के बिना नींद आना मुश्किल हो जाता है। पसीने से चिपचिप होती है और आदमी बार-बार करवट बदलता रहता है। इसी वजह से ज्यादातर लोग रात को पंखा चालू करके ही सोते हैं। कोई फुल स्पीड पर रखता है तो किसी को धीमी हवा चाहिए होती है।
सलाह यह है कि सोते वक्त पंखे की स्पीड कमरे और शरीर के आराम के हिसाब से धीमी से मध्यम रखी जाए। इसका कोई एक जवाब नहीं है। सब कुछ इस पर टिका है कि कमरा कितना गर्म है, हवा में कितनी नमी है और आपको कितनी गर्मी बर्दाश्त होती है।
स्पीड इतनी रखें कि बदन को अच्छी ठंडक लगे, लेकिन ठंड न लगे। बहुत से लोग फुल स्पीड पर पंखा चलाते हैं और आधी रात को ठंड से उनकी आंख खुल जाती है। अगर कमरा पहले से ठंडा है या खिड़की से हवा आ रही है, तो पंखा तेज चलाने की जरूरत नहीं है। धीमी या मध्यम स्पीड काफी रहती है। रात में 1-2 बजे के बाद बाहर का तापमान अपने आप कम हो जाता है, इसलिए सोते वक्त स्पीड थोड़ी कम रखना ठीक है। इससे नींद भी अच्छी आती है और बिजली भी बचती है।
पंखे की हवा सीधे बदन या मुंह पर लेना भी गलत बताया गया है। एक ही जगह लगातार हवा लगे तो सर्दी हो जाती है, गर्दन दुखती है और गला सूखता है। पंखा ऐसे रखें कि हवा पूरे कमरे में घूमे। सीलिंग फैन की हवा हर तरफ फैलती है, इसलिए उसमें दिक्कत नहीं। टेबल फैन या स्टैंड फैन हो तो उसे एक जगह स्थिर न रखकर घूमता हुआ रखें, ताकि हवा एक ही जगह न लगे और कमरे में हवा चलती रहे।
कभी-कभी कमरा बहुत गर्म हो जाता है और नमी ज्यादा होती है। ऐसे में धीमे पंखे से कुछ महसूस नहीं होता और मध्यम से तेज स्पीड रखनी पड़ती है। एक बात याद रखें कि पंखा कमरे की हवा को ठंडा नहीं करता। वह AC की तरह काम नहीं करता। वह सिर्फ बदन का पसीना जल्दी सुखाता है और इसी से ठंडक लगती है। इसलिए कमरा बहुत गर्म हो तो पंखे के साथ खिड़कियां खुली रखें, ताकि बाहर की हवा अंदर आए।
नींद टूटती है या नहीं, यह भी देखने को कहा गया है। पंखा चलाकर सोने के बाद सुबह नाक सूखी लगे, गला दुखे या बार-बार आंख खुले, तो समझें कि स्पीड ज्यादा है। हर इंसान का शरीर अलग होता है। किसी को ज्यादा ठंड लगती है तो किसी को ज्यादा गर्मी। इसलिए दूसरों को देखकर स्पीड तय न करें, जिस स्पीड में आराम मिले वही रखें।
सबसे अच्छा तरीका बताया गया है कि पंखा मध्यम स्पीड पर रखें और बदन पर एक पतली चादर ले लें। ठंड लगे तो चादर ओढ़ लें और गर्मी लगे तो हटा दें। इससे नींद भी शांत आएगी और तबीयत भी खराब नहीं होगी।