राष्ट्रीय कला प्रदर्शन में महाराष्ट्र के तीन कलाकारों का सम्मान
ललित कला अकादमी के 65वें राष्ट्रीय कला प्रदर्शन में महाराष्ट्र के तीन कलाकारों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
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नई दिल्ली, 21 तारीख: ललित कला अकादमी के 65वें राष्ट्रीय कला प्रदर्शन में महाराष्ट्र के तीन कलाकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग छाप छोड़ी है। रमेश विठ्ठल थोरात, सिद्धार्थ शहाजीराव शिंगाडे और प्रीतम मधुकर देऊसकर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों प्रतिष्ठित ललित कला अकादमी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह पुरस्कार वितरण समारोह नई दिल्ली के डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में हुआ। इसमें 65वें राष्ट्रीय कला प्रदर्शन और तीसरे 'प्रिंट बिनाले इंडिया' का संयुक्त आयोजन किया गया था। समारोह में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल मौजूद थे।
इस समारोह में रमेश विठ्ठल थोरात को उनके तैलचित्र 'अनटायटल्ड - II' के लिए पुरस्कार मिला। सिद्धार्थ शहाजीराव शिंगाडे को मिश्र माध्यम की कलाकृति 'ट्रीज' के लिए सम्मानित किया गया। वहीं प्रीतम मधुकर देऊसकर को प्रिंटमेकिंग की कलाकृति 'ऑफ टाइम एंड द सिटी' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया।
इस राष्ट्रीय कला प्रदर्शन के लिए देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 2,495 कलाकारों की कुल 6,175 कलाकृतियां मिली थीं। पहले चरण में चयन समिति ने इनमें से 270 कलाकृतियां प्रदर्शन के लिए चुनीं। उसके बाद अंतिम चयन प्रक्रिया से 20 उत्कृष्ट कलाकृतियां राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चुनी गई थीं।
अलग-अलग कला माध्यमों में इन कलाकारों की बेहतरीन कलाकृतियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इससे महाराष्ट्र की कला प्रतिभा का सम्मान हुआ है।
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