शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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पुणे में फ्लैट वालों की पसंद बनी वुडन, वुलन और मैट रंगोली, दिवाली पर बढ़ी मांग

पुणे में फ्लैट वालों की पसंद बनी वुडन, वुलन और मैट रंगोली, दिवाली पर बढ़ी मांग तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

बदलती जीवनशैली के साथ रंगोली का रूप भी बदल रहा है। कम जगह और कम वक्त वाले फ्लैट में महिलाएं नए विकल्प चुन रही हैं।

दिवाली आती है तो घर के सामने सजी रंगोली और उसके आसपास रखे दीये हर किसी को दिखते हैं। लेकिन पुणे में जीवनशैली बदलने के साथ रंगोली का स्वरूप भी बदल रहा है। पारंपरिक रंगों वाली रंगोली तो है ही, अब बाजार में वुडन, वुलन, मैट और आर्टिफिशियल रंगोली के कई विकल्प भी मिल रहे हैं।

खासकर फ्लैट में रहने वाले परिवारों में इनकी पूछ ज्यादा है। फ्लैट में जगह कम होती है और वक्त की भी तंगी रहती है। इसी वजह से महिलाएं इन नए विकल्पों को पसंद कर रही हैं। नए डिजाइनों की बाजार में अच्छी मांग है।

वुडन रंगोली लकड़ी के नक्शेदार सांचों में रंग भरकर बनाई जाती है और लोगों का ध्यान खींच रही है। इसे जमीन पर बनाने या चिपकाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है, इसलिए घर के मुख्य दरवाजे समेत कई जगहों पर रखा जा सकता है। यह गोल, चौकोर जैसे अलग-अलग आकारों में मिलती है।

जिन महिलाओं को रंगोली बनाना नहीं आता, उनके लिए मैट रंगोली काम की साबित हो रही है। यह अलग-अलग टुकड़ों में मिलती है और पैकिंग पर छपे नमूने को देखकर इसे जमाया जा सकता है। खास बात यह है कि इसे दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है। त्योहार के दिनों में साफ-सफाई और सजावट के काम के बीच इससे महिलाओं का वक्त बच जाता है।

इस साल वुलन रंगोली भी खास आकर्षण बनी है। यह ऊन और रेशमी धागों से तैयार होती है। तरह-तरह के फूलों के आकार और फ्लोरोसेंट रंगों के डिजाइन से घर को अच्छा लुक मिलता है। इसे धोया जा सकता है, इसलिए दोबारा काम में लेना भी मुमकिन है। घर के कोने, सीढ़ियां और दीवारों के किनारे इससे सजाए जा सकते हैं।

स्टिकर रंगोली की भी मांग है। बाजार में अलग-अलग आकारों की स्टिकर रंगोली, लक्ष्मी के पैरों के स्टिकर और तोरण के स्टिकर मिल रहे हैं। इसके अलावा नक्शेदार छाप वाली रंगोली के लिए छलनियां भी मिल रही हैं, जिनके दाम करीब 10 से 50 रुपये तक हैं। कम वक्त में अच्छी सजावट करने के लिए महिलाएं इन्हें इस्तेमाल कर रही हैं।

वुलन रंगोली बनाने वाली शिवानी पठारे का कहना है कि दिवाली में इन रंगोलियों की बड़ी मांग रहती है। उनके मुताबिक नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए कम वक्त में घर को अच्छी तरह सजाने का यह बढ़िया तरीका है। घर पर रहने वाली महिलाओं को भी ऐसी रंगोलियां बनाकर बेचने का मौका मिलता है। इससे वे घर बैठे छोटा कारोबार शुरू करके कमाई कर सकती हैं।

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