पुणे में एमपीएससी आंदोलन के दौरान बिना इजाज़त ड्रोन उड़ाया, 5 लोगों पर केस दर्ज
एस. एम. जोशी पुल पर चल रहे आंदोलन में बिना परमिशन ड्रोन से शूटिंग करने पर विश्रामबाग पुलिस ने पांच लोगों पर मामला दर्ज किया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे के एस. एम. जोशी पुल पर महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को लेकर स्टूडेंट्स का आंदोलन चल रहा है। इसी आंदोलन के दौरान बिना इजाज़त ड्रोन उड़ाकर शूटिंग करने के मामले में पुलिस ने पांच लोगों पर नया केस दर्ज किया है। विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस के मुताबिक ड्रोन चलाने वाले दिगंबर भारत खरे के साथ शिवराज मोरे, प्रमोद पाटील, ऋषिकेश गांगुर्डे और अक्षय कांबले पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 224 के तहत केस बना है।
मामला 5 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े सात बजे का है। एस. एम. जोशी पुल इलाके में आंदोलन चल रहा था, तभी पुलिस की नज़र आसमान में उड़ते एक ड्रोन पर पड़ी, जिसकी कोई परमिशन नहीं थी। आंदोलन की जगह पर गोपनीय जानकारी जुटाने के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी युवराज टेळे ने पीछे की तरफ जाकर देखा। वहां जनरेटर के पास खड़े दिगंबर खरे रिमोट से ड्रोन चला रहे थे।
पूछताछ में सामने आया कि ड्रोन उड़ाने के लिए कोई कानूनी इजाज़त ली ही नहीं गई थी। यह भी पता चला कि आरोपी प्रमोद पाटील, शिवराज मोरे, ऋषिकेश गांगुर्डे और अक्षय कांबले के कहने पर यह शूटिंग की जा रही थी।
पुलिस ने मौके से एक DJI ड्रोन कैमरा, जिसकी कीमत करीब 40 हजार रुपये है, और 10 हजार रुपये का रिमोट कंट्रोलर जब्त किया है। कुल मिलाकर 50 हजार रुपये का सामान जब्त हुआ है।
पुलिस ने आधिकारिक परमिशन और कागज़ात पेश करने को कहा था, लेकिन वे पेश नहीं किए गए। इसके बाद आखिरकार 10 अक्टूबर को यह केस दर्ज किया गया। मामले की आगे की जांच महिला पुलिस उपनिरीक्षक शोभा तेली कर रही हैं।
एमपीएससी स्टूडेंट्स के इस बहुचर्चित आंदोलन के दौरान स्टूडेंट्स पर दर्ज होने वाला यह दूसरा केस है। इससे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के बीच और राजनीतिक स्तर पर भी हलचल मच गई है। एक तरफ स्टूडेंट्स अपनी मांगों के लिए लड़ रहे हैं, दूसरी तरफ कानूनी कार्रवाई उनके पीछे लग गई है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।