पुलिस स्मृति दिवस आज: शहीद पुलिसवालों को श्रद्धांजलि, 21 अक्टूबर का इतिहास
हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन देश और नागरिकों की रक्षा में शहीद हुए पुलिस अधिकारियों को याद किया जाता है।
हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन पुलिस अधिकारियों की याद में है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और नागरिकों की हिफाजत करते हुए जान दी। इसकी वजह 1959 की एक घटना है। उस साल लडाख में हिंद-चीन सीमा पर चीनी सैनिकों ने भारतीय पुलिस पर हमला किया था और उसमें 10 पुलिसवाले शहीद हो गए थे। उन्हीं की कुर्बानी को याद करने के लिए यह दिन मनाया जाता है।
इस मौके पर देशभर में पुलिस दल की तरफ से अलग-अलग कार्यक्रम होते हैं। शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है और उनके परिवारवालों का सम्मान किया जाता है। पुलिस दल देश की अंदरूनी सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करता है और समाज के लिए उसका योगदान बहुत अहम है।
21 अक्टूबर को देश और दुनिया के इतिहास में कई अहम घटनाएं हुई हैं। 1854 में फ्लॉरेंस नाइटिंगेल और 38 दूसरी नर्सों को क्रिमियन युद्ध में मेडिकल सेवा के लिए भेजा गया। 1879 में थॉमस एडिसन ने लाइट बल्ब के डिजाइन के पेटेंट के लिए अर्जी दी। 1888 में स्विस सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी बनी। 1934 में जयप्रकाश नारायण ने कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना की।
1943 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की अगुवाई में आजाद हिंद सेना ने भारत की पहली आजाद सरकार बनाई। 1945 में फ्रांस में महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला। 1951 में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने दिल्ली में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। 1983 में मीटर की परिभाषा तय हुई, यानी निर्वात में प्रकाश एक सेकंड के 1/299,792,458 हिस्से में जितनी दूरी तय करता है।
1989 में जनरल अरुणकुमार वैद्य के हत्यारों सुखदेव सिंह और हरविंदर सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई। 1992 में 11वें ताशकंद अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अपर्णा सेन को बंगाली फिल्म 'महापृथ्वी' की भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। 1999 में फिल्म निर्माता बी. आर. चोपड़ा को दादासाहेब फाळके पुरस्कार की घोषणा हुई। 2011 में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऐलान किया कि इराक से अमेरिकी सेना की वापसी साल के अंत तक पूरी हो जाएगी।
इस तारीख को जन्मे लोगों में 1833 में स्वीडिश वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कारों के प्रणेता अल्फ्रेड नोबेल (मृत्यु 10 दिसंबर 1896), 1887 में वकील और राजनेता कृष्णा सिंह (मृत्यु 31 जनवरी 1961), 1917 में गायक और संगीतकार राम फाटक (मृत्यु 26 सितंबर 2002) और 1920 में धर्मभास्कर गं. ना. कोपरकर शामिल हैं। 1931 में हिंदी फिल्म अभिनेता और निर्माता शम्मी कपूर (मृत्यु 14 अगस्त 2011), 1937 में कश्मीरी राजनेता फारूख अब्दुल्ला और 1949 में इस्राइल के 9वें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का जन्म हुआ।
इसी तारीख को दुनिया छोड़ने वालों में 1422 में फ्रांस के राजा चार्ल्स (छठे) (जन्म 16 सितंबर 1380), 1835 में तमिल कवि और संगीतकार मुथुस्वामी दीक्षितार (जन्म 24 मार्च 1775) और 1981 में ज्ञानपीठ विजेता कन्नड़ कवि दत्तात्रय रामचंद्र बेंद्रे (जन्म 31 जनवरी 1896, धारवाड़, कर्नाटक) हैं। 1990 में भारतीय दार्शनिक और लेखक प्रभात रंजन सरकार (जन्म 21 मई 1921), 1995 में अमेरिकी ज्योतिषी और लेखिका लिंडा गुडमन (जन्म 9 अप्रैल 1925), 2010 में कवि और अनुवादक अ. अय्यप्पन (जन्म 27 अक्टूबर 1949) और 2012 में फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और निर्माता यश चोपड़ा (जन्म 27 सितंबर 1932) का निधन हुआ।
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