पृथ्वीराजनगर में लूट की कोशिश के आरोपी की भीड़ की पिटाई के बाद मौत
नागपुर के पृथ्वीराजनगर में मंगलवार दोपहर लूट की कोशिश के आरोपी सुमेध गजभिये की भीड़ की पिटाई के बाद मौत हो गई। साथी दीपक पाटिल फरार बताया जा रहा है।
नागपुर के पृथ्वीराजनगर इलाके में मंगलवार दोपहर लूट की कोशिश के बाद ऐसा बवाल हुआ कि एक आरोपी की जान चली गई। बेलतरोड़ी पुलिस स्टेशन की हद में हुई इस घटना में मोहल्ले के लोगों ने दो आरोपियों को पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई की। एक आरोपी मौका पाकर भाग निकला, जबकि दूसरे को इतना पीटा गया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक की पहचान न्यू नरसाला के रहने वाले सुमेध राजेंद्र गजभिये (28) के रूप में बताई गई है। उसके खिलाफ पहले भी चोरी के मामले दर्ज हैं। उसका कथित साथी दीपक पाटिल फरार बताया जा रहा है।
बताया गया कि सुमेध और दीपक मंगलवार दोपहर करीब 2.30 बजे उषा धार्मिक के घर पहुंचे। दोनों ने स्विगी कंपनी की टी-शर्ट पहन रखी थी। उन्होंने खुद को डिलीवरी बॉय बताया और पार्सल देने के बहाने उषा को बाहर बुलाया। उस वक्त उषा और उनकी बहू घर में सो रही थीं।
आरोप है कि सुमेध ने उषा की गर्दन पर चाकू लगा दिया और गले की चेन समेत सारे गहने निकालकर देने को कहा। इसी बीच उनकी बहू बाहर आईं तो आरोपियों ने उन्हें भी धमकाया। घर में छोटा बच्चा था, इसलिए बहू ने कहा कि वह उसे अंदर छोड़ आती हैं। अंदर जाकर उन्होंने दरवाजा भीतर से बंद कर लिया और अपने पति को फोन करके पूरी बात बताई।
उषा के बेटे ओमकारनगर चौक पर केक शॉप चलाते हैं। फोन आते ही उन्होंने आसपास रहने वाले अपने दोस्तों को तुरंत घर पहुंचने को कहा और खुद भी घर के लिए निकल पड़े। इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू हुई।
बताया जाता है कि मोहल्ले के लोगों ने दोनों आरोपियों को वहीं पकड़ लिया, लेकिन उन्हें पुलिस के हवाले करने के बजाय भीड़ उनकी पिटाई करने लगी। मौका मिलते ही दीपक वहां से फरार हो गया, पर सुमेध को लोगों ने घेर रखा था और उसे बुरी तरह पीटा गया।
इसी दौरान किसी ने पुलिस को खबर दी। खबर मिलते ही बेलतरोड़ी थाने के बीट मार्शल मौके पर पहुंचे। वहां माहौल गरम था, इसलिए उन्होंने अतिरिक्त स्टाफ और आरोपी को ले जाने के लिए बड़ा वाहन भेजने की मांग की। जब तक अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे, लोग सुमेध को पीट ही रहे थे।
पिटाई भले ही बुरी तरह हुई थी, लेकिन सुमेध के शरीर पर जख्मों के निशान नहीं दिख रहे थे। इसलिए उसे बेलतरोड़ी थाने ले जाया गया। कुछ देर बाद थाने में ही उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया, जिससे पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। उसे फौरन मेडिकल अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी यह भी मिली है कि पुलिस घायल युवक को सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय पहले थाने ले गई। पुलिस इस बात को सिरे से नकार रही है। अब भीड़ की पिटाई के साथ यह मुद्दा भी जांच के घेरे में है कि घायल आरोपी को वक्त पर इलाज मिला या नहीं।
पुलिस ने मोहल्ले के 3 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। घटना की खबर मिलने पर आला पुलिस अधिकारी भी मौके पर और थाने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। फिलहाल पुलिस आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर रही है। सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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