प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड: पत्नी का दावा, शिंदे ने भेजा आदमी, 17 लाख में सौदे की कोशिश
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ठाणे में ठाकरे गुट के विभागप्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या को 28 दिन हो चुके हैं। मुख्य संदिग्ध माने जा रहे शिंदे सेना की पूर्व महापौर मिनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से ठाणे का राजनीतिक माहौल बुरी तरह गरम है। मंगलवार को ठाकरे गुट और उसके समर्थक सड़क पर उतर आए, जिससे रातभर शहर में हाईवोल्टेज ड्रामा चला और ट्रैफिक जाम रहा।
इसी बीच प्रदीप पूर्णेकर की पत्नी विजेता पूर्णेकर ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। नौपाडा पुलिस स्टेशन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सीधे शिंदे पर आरोप लगाया। उनके मुताबिक शिंदे साहब ने सौदेबाजी के लिए एक आदमी भेजा था और पूर्णेकर परिवार की जान की कीमत 17 लाख रुपये लगाई गई। विजेता का कहना था कि उन्हें लगा हम 17 लाख में बिक जाएंगे, लेकिन हमारा परिवार बिकने वाला नहीं है।
मंगलवार (27 अक्टूबर) को प्रदीप के बेटे राम पूर्णेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे वाले घर के बाहर आंदोलन करने निकले थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही हिरासत में लिया और नौपाडा पुलिस स्टेशन ले गई। यह खबर फैलते ही ठाकरे गुट और मनसे के स्थानीय नेता नौपाडा पुलिस स्टेशन में जमा हो गए। दोपहर से शुरू हुआ यह आंदोलन आधी रात तक चलता रहा।
दूसरी तरफ पूर्णेकर के समर्थकों ने घोडबंदर रोड, कापूरबावडी नाका, मानपाडा, बाळकुम और कोलशेत रोड पर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर रास्ता रोक दिया। इससे मुंबई-ठाणे से गुजरात की तरफ जाने वाला ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। मानपाडा इलाके में आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच कहासुनी हुई। आखिरकार पुलिस ने तड़के हल्का बल प्रयोग कर रास्ते खाली कराए और ट्रैफिक फिर चालू किया।
अब इस मामले की गूंज पूरे राज्य में सुनाई देने की संभावना है। गुरुवार (29 अक्टूबर) को शाम 5 बजे ठाणे में 'महाआंदोलन' का ऐलान किया गया है। जानकारी है कि इसमें ठाकरे गुट के विधायक आदित्य ठाकरे, सांसद संजय राउत, अलग-अलग पार्टियों के नेता और स्थानीय भाजपा पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
पुलिस का कहना है कि वह प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता से कर रही है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। क्राइम ब्रांच के जॉइंट सीपी पंजाबराव उगले और एसआईटी प्रमुख अमरसिंह जाधव ने बुधवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में जांच की जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक वारदात के तुरंत बाद पहले आरोपी पप्या शिंदे को मौके से ही गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद निखिल यादव और नितेश पवार को गिरफ्तार किया गया और उनसे पिस्तौल व गाड़ियां जब्त की गईं। जांच के लिए 23 अफसरों और कर्मचारियों की विशेष टीम लगी है। अब तक 12 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और सैकड़ों CCTV फुटेज खंगाले गए हैं।
मिनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे को पूछताछ के लिए बार-बार बुलाया गया है और सबूत जोड़ने का काम जारी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमित सिंह के बयान में हत्या के पीछे राजनीतिक कारण का जिक्र नहीं है। पुलिस का कहना है कि जांच को लेकर समाज में गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं, जबकि वह किसी दबाव के बिना काम कर रही है। पुलिस ने आंदोलनकारियों से कानून हाथ में न लेने को कहा और बताया कि कल कानून हाथ में लेने वालों पर केस दर्ज किए गए हैं।
राम पूर्णेकर के दिए सबूतों और CCTV फुटेज की भी गहरी जांच चल रही है। पुलिस ने साफ किया कि जल्द ही पूरा सच सामने आ जाएगा।
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