पोस्ट ऑफिस में नौकरी के नाम पर 34 लाख की ठगी का आरोप, चंद्रपुर में तीन पर केस
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चंद्रपुर शहर पुलिस स्टेशन में नागपुर पोस्ट ऑफिस में चपरासी की नौकरी दिलाने का वादा कर 34 लाख 53 हजार 600 रुपये लेने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
चंद्रपुर शहर पुलिस स्टेशन में नौकरी का लालच देकर धोखाधड़ी करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक, नागपुर के पोस्ट ऑफिस में चपरासी की नौकरी लगवा देने का वादा किया गया था। शिकायत करने वाले का कहना है कि इसके लिए कुल 34 लाख 53 हजार 600 रुपये दिए गए।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) और 318(4) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर प्रकाश निकडे कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता यशमीत बुधाजी बागेश्वर 35 साल के हैं और तुकुम चव्हाण कॉलोनी, डब्ल्यूसीएल क्वार्टर्स, चंद्रपुर में रहते हैं। वे फिलहाल दाताळा एमआईडीसी की एक प्राइवेट एजेंसी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं। उनकी दादी गंजवार्ड बाजार में सब्जी बेचती थीं, इसलिए बचपन से वे दादी के साथ सब्जी बेचा करते थे। इसी दौरान आरोपी केतन जोरगेवार की डिस्पोजल की दुकान पर उनका आना-जाना रहा और दोनों की अच्छी जान-पहचान हो गई।
शिकायत के मुताबिक, जनवरी 2024 में केतन जोरगेवार ने कहा कि नागपुर के पोस्ट ऑफिस में चपरासी के पद निकले हैं और वह सरकारी नौकरी लगवाने का काम करता है। उसने बताया कि इसमें 22 से 24 लाख रुपये का खर्च आएगा। शिकायतकर्ता का सब्जी का धंधा अच्छा चल रहा था, इसलिए उनके पास पैसे थे।
आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें अपने घर बुलाया और कहा कि ड्यूटी का काम देखने वाले साहब दिल्ली में हैं और उन्हें पैसे भेजने पड़ेंगे। इसके बाद वे समय-समय पर नकद, बैंक चेक और फोनपे के जरिए पैसे लेते रहे।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि शुरू में आरोपी ने बहाना बनाया था कि नागपुर के एक आदमी का काम हो चुका था, लेकिन उसे कैंसर हो गया है और वह नौकरी नहीं करेगा। इसलिए आरोपी ने कहा कि तुम वही पैसे भर दो तो वह जगह तुम्हारे नाम करवा देगा। आरोपियों की लगातार मांग और जल्द नौकरी का ऑर्डर मिलने के भरोसे में शिकायतकर्ता ने अपना खुद का प्लॉट तक गिरवी रख दिया। उन्होंने 12 जून 2024 को 2 लाख रुपये रीमा जोरगेवार को दिए। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह नकद, बैंक खाते में ऑनलाइन और चेक से उन्होंने आरोपियों को कुल 34 लाख 53 हजार 600 रुपये दिए।
इसी बीच शिकायतकर्ता को घर से सोने की पांच अंगूठियां गायब मिलीं। एक मोपेड की डिक्की में उन्हें मुथूट फाइनेंस की पर्ची दिखी। पूछताछ में सामने आया कि केतन जोरगेवार ने वे अंगूठियां मुथूट फाइनेंस में गिरवी रखकर पैसे उठाए थे। इस बारे में पूछने गए तो केतन ने टालमटोल वाले जवाब दिए, मोबाइल बंद कर लिया और फरार हो गया।
फिर शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी तो आरोपी चंद्रपुर लौट आया और अंगूठियां छुड़ाकर वापस कर दीं। लेकिन जब नौकरी के लिए दिए गए 34 लाख 53 हजार 600 रुपये वापस मांगे गए तो आरोपी सिर्फ 16 लाख रुपये देने को तैयार हुआ और दो महीने की मोहलत मांगी।
शिकायत के मुताबिक, दो साल से ज्यादा बीत गए, पर पैसे नहीं लौटाए गए। उलटे पैसे मांगने गए तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और घर की महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की भी की। आखिर ठगी का एहसास होने पर पीड़ित युवक की शिकायत पर चंद्रपुर शहर पुलिस ने केस दर्ज किया है। खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी का जिक्र नहीं है।
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