न्यूज चैनल में पार्टनरशिप का लालच देकर मेडिकल स्टोर मालिक से 20 लाख की ठगी, पिस्तौल दिखाकर लूटे 50 हजार
सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, एक आरोपी पर 4 दिन में तीसरी FIR
नागपुर के मेयो अस्पताल के सामने कांचन मेडिकल स्टोर चलाने वाले निशांत प्रमोद गुप्ता (43) को न्यूज चैनल में पार्टनर बनाकर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 20 लाख रुपये ठग लिए गए। रकम वापस मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई, पिस्तौल तानकर 50,000 रुपये लूटे गए और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस मामले में सीताबर्डी पुलिस स्टेशन में दोसर भवन चौक निवासी निशांत की शिकायत पर 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों में रितेश बोरकर, प्रमोद भागचंदानी, विजय खवसे, रिंकू पानतावणे, उमेश यादव, सुजीत भोयर और सुनील मांगलकर शामिल हैं। इस केस के बाद प्रमोद भागचंदानी फिर से चर्चा में आ गया है, क्योंकि पिछले चार दिनों में उसके खिलाफ यह तीसरी FIR है।
निशांत की रितेश बोरकर से पहचान 2022 में हुई थी। रितेश ने खुद को महा न्यूज 7 चैनल का संचालक बताकर निशांत को इसमें निवेश के लिए राजी किया था। रितेश ने बताया था कि चैनल को आगे बढ़ाने के लिए पैसा लगाने वाले लोग चाहिए और इसमें अच्छा मुनाफा मिलेगा। रितेश के कहने पर निशांत ने अलग-अलग समय पर कैश, ऑनलाइन और RTGS के जरिए करीब 20 लाख रुपये दिए। इसके अलावा उन्होंने अपने जान-पहचान वाले अनिल पटेल से भी 2 लाख रुपये उधार लेकर रितेश को दे दिए थे। रितेश ने पार्टनरशिप डीड बनाने की बात कही थी और सिक्योरिटी के नाम पर HDFC बैंक का साइन किया हुआ कोरा चेक भी ले लिया था।
कुछ समय बाद जब निशांत ने अपनी लगाई हुई रकम और मुनाफे के बारे में पूछना शुरू किया, तो रितेश टालमटोल करने लगा। 15 मई 2025 को रितेश ने निशांत को न्यूज चैनल के ऑफिस बुलाया। वहां रितेश के अलावा उमेश यादव, सुजीत भोयर, सुनील मांगलकर, रिंकू पानतावणे, प्रमोद भागचंदानी और विजय खवसे भी मौजूद थे। निशांत ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि प्रमोद भागचंदानी ने पिस्तौल दिखाकर धमकाया और निशांत की जेब से 50,000 रुपये नकद निकाल लिए, जबकि रिंकू पानतावणे ने खुद अपने कपड़े फाड़कर निशांत को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।