मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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01:13 IST

प्ले स्टोर पर नकली WhatsApp ऐप मिला, पाँच लाख से ज़्यादा लोगों ने किया डाउनलोड

गूगल प्ले स्टोर पर हूबहू असली जैसा दिखने वाला नकली WhatsApp ऐप मिला है, जिसे पाँच लाख से ज़्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं।

प्ले स्टोर पर नकली WhatsApp ऐप मिला, पाँच लाख से ज़्यादा लोगों ने किया डाउनलोड तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

गूगल प्ले स्टोर की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल उठ गए हैं। हाल ही में वहाँ WhatsApp का एक नकली वर्जन मिला है। यह ऐप देखने में बिल्कुल असली WhatsApp जैसा है। उसका लोगो भी वैसा ही है और ऐप का नाम भी असली जैसा रखा गया है।

प्ले स्टोर पर मौजूद इस ऐप को पाँच लाख से ज़्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। इसी वजह से चिंता और बढ़ गई है। जिन्होंने हाल ही में अपने स्मार्टफोन में WhatsApp डाउनलोड किया है, उनके लिए यह खास तौर पर फिक्र की बात है।

WhatsApp एक मशहूर मैसेजिंग प्लैटफॉर्म है, जिस पर मैसेज और कॉलिंग की सुविधा मिलती है। 180 देशों में 2 अरब से ज़्यादा लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। असली एंड्रॉइड वर्जन गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

Android Authority की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय पहले नकली गूगल क्रोम ऐप सामने आया था और अब नकली WhatsApp ऐप भी सामने आ गया है। वह नकली क्रोम ऐप प्ले स्टोर से हटाए जाने से पहले एक लाख से ज़्यादा लोग डाउनलोड कर चुके थे। नकली WhatsApp ऐप का साइज़ 42 MB है।

बताया जा रहा है कि डेवलपर ने ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को फँसाने और ऐप के ज़्यादा डाउनलोड कराने के लिए इसे बूस्ट किया है। यूज़र्स के शेयर किए स्क्रीनग्रैब में यह ऐप स्पॉन्सर्ड सजेशन के तौर पर दिख रहा है।

असली WhatsApp मैसेजिंग प्लैटफॉर्म, जिसे अरबों लोग इस्तेमाल करते हैं, प्ले स्टोर पर WhatsApp LLC डेवलपर के नाम से लिस्टेड है। वहीं नकली WhatsApp को Agment Assets sallu नाम के डेवलपर ने पब्लिश किया है।

इस नकली ऐप का डिस्क्रिप्शन टेक्स्ट WhatsApp के ऑफिशियल प्ले स्टोर डिस्क्रिप्शन से कॉपी किया गया है। स्पेसिंग बदली गई है और कुछ वाक्य एडिट किए गए हैं। नकली लिस्टिंग में कुछ सब-हेड, पैराग्राफ और Terms of Service व Learn More के लिंक गायब हैं।

इतना ही नहीं, स्क्रीनशॉट और विज्ञापन भी कॉपी किए गए हैं। नकली ऐप में एक ही इमेज दो बार दिखाई दे रही है। Android Authority का दावा है कि यह नकली ऐप सितंबर महीने में पब्लिश हुआ था। उसके मुताबिक यूज़र रिव्यू रोकने के लिए गूगल प्ले के अर्ली एक्सेस का गलत इस्तेमाल किया जा रहा हो सकता है।

एंड्रॉइड यूज़र्स को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि प्ले स्टोर में जब WhatsApp Messenger सर्च किया जाता है, तब नकली ऐप टॉप रिज़ल्ट्स में नहीं दिखता। हाल ही में नकली गूगल क्रोम मिला था और अब नकली WhatsApp मिलने से प्ले स्टोर की सुरक्षा पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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