गडचांदूर में गोंडवाना विद्यापीठ की उत्तरपत्रिका संकलन केंद्र की मांग
गोंडवाना विद्यापीठ यंग टीचर्स असोसिएशन ने गडचांदूर में उत्तरपत्रिका संकलन केंद्र शुरू करने की मांग की है।
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राजुरा और कोरपना की सीमा से सटे गडचांदूर में विश्वविद्यालय परीक्षा की उत्तरपत्रिकाओं का संकलन केंद्र शुरू किया जाए, ऐसी मांग गोंडवाना विश्वविद्यालय यंग टीचर्स असोसिएशन ने की है। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियों ने गोंडवाना विश्वविद्यालय के प्र-कुलपति डॉ. श्रीराम कावळे और परीक्षा और मूल्यांकन मंडल के संचालक डॉ. नवीन मुंगळे को निवेदन दिया है।
निवेदन देने वालों में असोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी प्राचार्य प्रकाश शेंडे, संगठन के विभाग समन्वयक डॉ. शरद बेलोरकर, प्रभारी प्राचार्य डॉ. गजानन राऊत और डॉ. विशाल मालेकर समेत कई मान्यवर पदाधिकारी शामिल थे।
गडचांदूर परिसर में कुल पांच परीक्षा केंद्र चल रहे हैं। ये हैं विदर्भ महाविद्यालय जिवती, राजीव गांधी महाविद्यालय पाटण, प्रभाकर मामुलकर महाविद्यालय कोरपना, शरदराव पवार महाविद्यालय गडचांदूर और महात्मा गांधी महाविद्यालय गडचांदूर। फिलहाल इन सभी केंद्रों की उत्तरपत्रिकाएं चंद्रपूर में जमा की जाती हैं। लेकिन इन कॉलेजों के परीक्षा केंद्रों से चंद्रपूर का संकलन केंद्र काफी दूर पड़ता है, जिससे दिक्कत हो रही है। इस इलाके के परीक्षा केंद्रों पर काम करने वाले मुख्य परीक्षा प्रमुखों ने भी गडचांदूर में संकलन केंद्र बनाने की मांग की है।
जमीनी हालत देखें तो ऊपर बताए सभी कॉलेजों से चंद्रपूर की दूरी करीब ६० से ९५ कि.मी. के बीच है। खासतौर पर जिवती के परीक्षा केंद्र पर तीन कॉलेजों के विद्यार्थी परीक्षा देते हैं, इसलिए वहां उत्तरपत्रिकाओं की संख्या काफी ज्यादा होती है।
जिवती से चंद्रपूर की दूरी करीब ९५ किमी. है। सड़क की हालत खराब है और वक्त पर सरकारी बस सेवा भी नहीं मिलती। इस वजह से उत्तरपत्रिकाओं को मोटरसाइकिल से ले जाने की नौबत आती है, जो बेहद खतरनाक और जोखिम भरा है। पाटण, कोरपना और गडचांदूर के केंद्रों को भी इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इन सब हालात और समस्याओं को देखते हुए गोंडवाना विश्वविद्यालय यंग टीचर संगठन के पदाधिकारियों ने गडचांदूर में गोंडवाना विश्वविद्यालय का उत्तरपत्रिका संकलन केंद्र बनाने की मांग रखी है।