पिंपरी-चिंचवड में MIDC ने घटाया पानी, 31 अगस्त 2027 तक 10 फीसदी कटौती
कम बारिश और एल निनो के अंदेशे के बीच MIDC ने पिंपरी-चिंचवड के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू की है।
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इस साल बारिश कम हुई है और आगे पानी की भारी किल्लत का खतरा है। इसे देखते हुए पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के बाद अब महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) ने भी शहर के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू करने का बड़ा फैसला लिया है।
भारतीय मौसम विभाग के अंदाज के मुताबिक 'एल निनो' के असर से इस साल और अगले साल भी राज्य में बारिश कम रहने की संभावना है। इसी वजह से संभावित पानी की किल्लत से निपटने के लिए अभी से रोकथाम के इंतजाम किए जा रहे हैं। MIDC ने नागरिकों और उद्योग चलाने वालों से पानी बहुत किफायत से इस्तेमाल करने की अपील की है।
अभी बांधों में पानी का स्टॉक सीमित है। अगले साल 31 अगस्त तक उसी से आराम से सप्लाई चल सके, इसके लिए राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग ने राज्य की सभी महानगरपालिकाओं और संबंधित प्राधिकरणों को पानी सप्लाई में 10 प्रतिशत कटौती करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद MIDC ने फौरन तैयारी शुरू कर दी है। साफ किया गया है कि पिंपरी-चिंचवड के औद्योगिक इलाके में यह कटौती 31 अगस्त 2027 तक लागू रहेगी।
MIDC पवना नदी से पानी उठाती है, उसे साफ करने की प्रक्रिया चलाती है और फिर पिंपरी-चिंचवड शहर के औद्योगिक इलाकों के साथ रिहायशी हिस्सों में सप्लाई करती है। पिंपरी-चिंचवड के संबंधित औद्योगिक क्षेत्र में MIDC रोज 100 एमएलडी पानी देती है। इसके अलावा महानगरपालिका को रोज 30 एमएलडी पानी दिया जाता है। MIDC की सप्लाई के दायरे में रावेत, निगडी, भोसरी, आकुर्डी, पिंपरी और चिंचवड के औद्योगिक क्षेत्र आते हैं। इन इलाकों के उद्योगों और रहने वालों को कटौती का असर महसूस हो सकता है।
कटौती लागू होने से इन सभी इलाकों में अब पहले के नियमित वक्त से कम देर तक पानी मिलेगा। हालात की गंभीरता को समझते हुए MIDC ने उद्योग वालों से कहा है कि वे औद्योगिक प्रक्रिया में पानी का दोबारा इस्तेमाल करें, ट्रीट किए हुए पानी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें और पीने के पानी की बर्बादी से बचें।
इस बीच पवना बांध में पानी के स्टॉक की लगातार समीक्षा हो रही है। आगे की किल्लत की तीव्रता कम करने के लिए MIDC हफ्ते में एक दिन पूरी तरह पानी सप्लाई बंद रखने की योजना भी बना रही है।
नागरिकों और उद्योग वालों के लिए सलाह यह है कि पीने का पानी गैर-जरूरी कामों में इस्तेमाल न करें। उद्योग ट्रीट किए हुए पानी का दोबारा इस्तेमाल बढ़ाएं। सप्लाई के वक्त के हिसाब से पानी का इंतजाम करें। पानी का रिसाव और बर्बादी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं। पवना बांध के स्टॉक को लेकर प्रशासन की ओर से जो सूचनाएं जारी हों, उन पर नजर रखें।
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