पिंडकेपार में बंजर जमीन पर बनेगी अमराई, लगेंगे करीब 2 हजार फलदार पौधे
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गोरेगांव तहसील की पिंडकेपार ग्राम पंचायत ने गुरूवार 29 अक्टूबर से बंजर जमीन पर अमराई लगाने का काम शुरू किया है।
गोरेगांव तहसील के पिंडकेपार गांव में पर्यावरण बचाने और गांव के विकास के लिए एक नई पहल शुरू हुई है। ग्राम पंचायत ने गुरूवार 29 अक्टूबर से गांव की उस जमीन पर पौधे लगाने का काम शुरू किया है, जिसे बंजर और बेकार माना जाता था। यहां अलग-अलग किस्मों के फलदार पौधों के साथ अमराई, यानी आम का बगीचा, तैयार किया जाएगा।
बताया गया है कि यह काम वीबी-जी राम-जी के जरिए हो रहा है और इसमें करीब 2 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। पौधे लगाने के बाद तीन साल तक उनकी देखभाल और संरक्षण भी किया जाएगा। इससे गांव के मजदूरों को तीन साल तक पक्का काम मिल सकेगा। प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अनमोल तोहफा साबित होगी और पिंडकेपार को आदर्श हरित ग्राम के रूप में नई पहचान दिलाएगी।
ग्राम पंचायत ने पर्यावरण संरक्षण और गांव के विकास को ध्यान में रखकर तय किया कि गांव की बंजर जमीन पर फलदार पौधे लगाकर अमराई बनाई जाएगी। इस योजना को वीबी-जी राम-जी के तहत मंजूरी मिली है। बताया गया है कि ग्राम पंचायत प्रशासन और गांव वालों की कोशिशों से बंजर जमीन के साथ-साथ सड़क के दोनों किनारों पर भी पौधे लगाए जा रहे हैं, ताकि गांव में हरियाली आए।
अमराई तैयार करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जमीन में गड्ढे खोदने का काम शुरू कर दिया गया है। गुरूवार को सरपंच योगिता सहारे, उपसरपंच भरत घासले, ग्राम पंचायत अधिकारी रिना सहारे और सदस्य निलकंठ बिसेन, चंद्रकिशोर पटले, सुनील सोनवाने, मंगला पटले, रेखा रहांगडाले, रूपा लटये, कला चौधरी, कांचना सहारे, राजकुमार साखरे, रविंद्र साखरे, प्रशांत साखरे और राजेश चुलपार ने गांव वालों के साथ पौधे लगाकर इस हरित क्रांति की शुरूआत की।
बताया गया है कि 2 हजार पेड़ बड़े होकर इलाके का तापमान काबू में रखने और भूजल स्तर सुधारने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा बंजर जमीन के उपजाऊ अमराई में बदलने से गांव के करीब 20 से 25 स्थानीय लोगों को लगभग 3 साल तक रोजगार के मौके भी मिलेंगे।
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